
नरसिंहपुर। प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गोटेगांव विकासखंड में संभाग स्तरीय शालेय बालक- बालिका हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन करना सौभाग्य की बात है। इस प्रतियोगिता में संभाग स्तरीय टीम का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोटेगांव में खेलने वाले युवाओं का चयन राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर होने से उन्हें बहुत प्रसन्नता होगी। उन्होंने बताया कि युवाओं की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए माता- पिता, शिक्षक- शिक्षिका एवं कोच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इनके योगदान को हमेशा स्मरण रखना चाहिए। प्रदेश शासन के मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल बुधवार को गोटेगाँव (श्रीधाम) के सुभाषचंद्र बोस खेल मैदान में आयोजित संभाग स्तरीय शालेय बालक-बालिका हैंडबॉल प्रतियोगिता- 2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक श्री महेन्द्र नागेश, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, श्री रामसनेही पाठक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारी- कर्मचारी, शिक्षक- शिक्षिकाएं एवं खिलाड़ी मौजूद थे।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि युवा हमेशा नशे से रहने का संकल्प लें। युवा हमेशा अच्छी आदतों को आत्मसात करें। अपने आसपास के वातावरण को भी नशे से दूर रखें तथा अपने सहयोगियों को भी नशे से दूर रहने की समझाइश दें। उन्होंने कहा कि खेल का मैदान हमेशा नशे से दूर रहने का अच्छा माध्यम है। इसलिए सभी युवा रोजाना खेल खेलें, खेलने से हमेशा भाईचारा व आपसी संबंध बढ़ता है। उन्होंने संभाग स्तरीय शालेय हैंडबॉल प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन करने को कहा, जिससे उनका चयन राज्य स्तरीय टीम के लिए हो सके। उन्होंने बताया कि सुभाषचंद्र बोस खेल का मैदान बहुत अच्छा है और यहां की व्यवस्थाएं भी दुरूस्त हैं। मंत्री श्री पटेल ने शुभारंभ के अवसर पर युवा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर ने बताया कि संभाग स्तरीय शालेय हेण्डबॉल बालक/ बालिक आयु वर्ग 14, 17, 19 वर्ष क्रीड़ा प्रतियोगिता 24 एवं 25 सितम्बर 2025 को सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम गोटेगांव में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में संभाग के जिलों से 504 खिलाड़ी और 35 कोच व मैनेजरों ने भाग लिया है। प्रतियोगिता के सुचारू रूप से संचालन के लिए समितियों का गठन कर दायित्व सौंपे गए हैं।
