
कांग्रेसी बोले संयमित भाषा का उपयोग करें भाजपाई
मुख्यमंत्री के कांग्रेस को नालायक कहने पर भी जताई नाराजगी
बालाघाट। मंत्री कैलाश विजवर्गीय के दिए गए उस बयान पर कांग्रेस ने आक्रोश जताया है, जिसमें उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बहन प्रियंका के गाल चुमने पर संस्कृति को लेकर सवाल खड़े किए थे। जिसके बाद कांग्रेस ने इसे भाजपा का चाल और चरित्र बताते हुए बयान की निंदा की और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन कर विरोध जताया। कांग्रेस ने विगत दिनों कटंगी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के द्वारा कांग्रेस को नालायक कहने पर भी नाराजगी जाहिर की।
शुक्रवार को कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी कार्यालय से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला लेकर हनुमान चौक तक पदयात्रा की। इस दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा और मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हनुमान चौक में शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समक्ष मंत्री विजयवर्गीय का पुतला दहन किया। कांग्रेस शहर अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने बताया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के भाई-बहन के रिश्ते पर जो टिप्पणी की है, उससे भाजपा का महिलाओं को लेकर चाल और चरित्र उजागर हो गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात कहने वाली भाजपा के मंत्री, भाई-बहन के रिश्ते को अपमानित करने वाला बयान दे रहे है। जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करते हुए निंदा करती है। भाजपा नेता मर्यादा में रहकर बयान दे और ऐसे बयान दे कि कभी विपरित परिस्थिति में वह खड़े भी रह सके।
प्रदेश सचिव अनूप सिंह बैंस ने कहा भाई बहन के पवित्र रिश्ते को कैलाश विजयवर्गी ने कलंकित किया है संस्कृतिवान भारत देश का सर नीचा हो गया। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को खुली छूट देकर रखा है ताकि वे घृणित और गंदा वक्त्व देकर अपने नंबर बढ़ा सके, कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर तरीके से विरोध करते हैं। पूर्व शहर अध्यक्ष रहीम खान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अमर्यादित पार्टी है जिसका उदाहरण कैलाश विजयवर्गीय के वक्तव्य से मिला है। इस तरीके का बयान उनके सत्ता में रहने के चलते मदमस्त होने का सबूत है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बालाघाट आगमन पर उनका विरोध किया जाएगा।
इस अवसर पर अल्लाह रखा, जसराज पारधी, जावेद अली, शमीम सिद्दीकी, आशुतोष डहरवाल, केवल सिंह झरिया, डॉ अमर बिसेन, जय कृष्णा डींगरू, मयूर मोटवानी, निखिल गौतम, बाबूलाल राणा, शाहबाज अहमद, नरेंद्र मेश्राम, शिवम शर्मा, साबिर मंसूरी, पंकज बुद्ध, धर्मेंद्र बोपचे, छविराम नागेश्वर, नितिन शिवहरे, पप्पू मदनकर, राकेश रामटेक सहित अन्य मौजूद थे।
