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गुना । जिले की मृगवास थाना पुलिस ने महिला के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया है। दरअसल 27 सितंबर 25 को सूचनाकर्ता गुलाब सिंह भील निवासी ग्राम फतेहपुर थाना मृगवास ने मृगवास थाने पर रिपोर्ट करते हुए बताया कि 26 सितंबर 25 को उसकी पत्नि अनोक बाई भील चारा काटने के लिए उमरिया गांव की हार वाले उनके खेत पर गई थी। जिसके देर शाम तक घर बापस नहीं लौटने पर उसकी तलाश की गई तो रात के समय वह खेत पर बेहोशी की हालत में मिली, उन्हें लगा कि किसी कीड़े ने उसे काट लिया है। जिससे वह रात में ही उसे तेजाजी महाराज के स्थान पर ले गए, लेकिन जहां पर उसकी पत्नि अनोक बाई की मृत्यु हो जाना बताया, जिससे वह रात में ही शव को घर ले आए थे । सुबह शव को देखने पर उसके गले में फांसी जैसा निशान एवं शरीर में ही कुछ जगह जोट के निशान दिखे, जिससे उन्हें शक है कि उसकी पत्नि अनोक बाई की किसी के द्वारा हत्या की गई है । इस घटना पर से पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई । पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के द्वारा उक्त घटना को चुनौती के रुप में लिया और मामले में हर पहलुओं पर सूक्ष्मता से जांच कर प्रकरण का शीघ्र खुलासा किए जाने के निर्देश दिए गए । निर्देशानुसार मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे द्वारा अपनी टीम के साथ मामले की गहनता से जांच की गई । प्रकरण की प्रारंभिक जांच में मृतिका के गले पर फांसी/गला दबाने के निशान, शरीर पर चोट एवं संघर्ष के चिन्ह पाए गए एवं घटनास्थल का मौका मुआयना करने पर मौके से मृतिका का हंसिया, कुछ आभूषण, एक साफी, टूटा हुआ एक चाकू आदि सामान जप्त किया गया । मृतिका का पीएम कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में डॉक्टर ने मृत्यु का कारण गला दबाने से होना लेख किया । जांच के दौरान मृतिका के परिजनों व अन्य साक्षियों के कथन लिए गए, जिसमें उनके द्वारा ग्राम उमरिया निवासी कालूराम पुत्र बापूलाल भील तथा उसके भाइयों पर हत्या का संदेह व्यक्त किया गया ।
संपूर्ण मर्ग जांच पर से 28 सितंबर 25 को संदेही के विरूद्ध मृगवास थाने में अप.क्र. 141/25 धारा 10&(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने संदेही आरोपी की तलाश शुरू की और इसमें तत्परता से कार्यवाही करते हुए संदेही कालूराम पुत्र बापूलाल भील निवासी ग्राम उमरिया खुर्द थाना मृगवास जिला गुना को बटावदा गांव की कलारी के पास से हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसके द्वारा मृतिका अनोक बाई की गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया । जिससे प्रकरण में आरोपी कालूराम भील को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है । इस घटना में अन्य आरोपियों की भूमिका एवं अन्य पहलुओं की पुलिस द्वारा आगे और जांच की जा रही है । अंधे कत्ल के उपरोक्त पेंचीदा और चुनौतीपूर्ण प्रकरण को शीघ्रता से सुलझाने में मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे, सउनि केदार सगर, प्रधान आरक्षक रामकुमार रघुवंशी, प्रधान आरक्षक राजकुमार रघुवंशी, आरक्षक जितेन्द्र यादव, आरक्षक विकाश राठौर, आरक्षक रामवीर रघुवंशी. आरक्षक संदीप आर्य. आरक्षक नरेन्द्र गुरूंग. आरक्षक रवि चौहान. आरक्षक अमर सिंह एवं आरक्षक रवि यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।

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