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पूर्व जिला प्रबंधक व परिवहनकर्ता पर ईओडब्लयू में मामला दर्ज
जबलपुर।मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन जबलपुर में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पाया गया कि पूर्व जिला प्रबंधक दिलीप किरार सेवानिवृत्त और परिवहनकर्ता शेलैष तिवारी उर्फ कन्हैया तिवारी, प्रोप्राइटर जे.एस.आर. एजेंसी कटनी ने मिलीभगत कर शासन को लाखों रुपये की क्षति पहुंचाई। इस मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 316(5), 61(2)ए भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 7(सी) भ्र.नि.अ. 1988 (संशोधित 2018) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
ईओडब्लयू के डीजीपी उपेन्द्र जैन ने बताया 25 सितम्बर 2024 से 27 फरवरी 2025 की अवधि में दिलीप किरार जबलपुर जिले में जिला प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान जे.एस.आर. एजेंसी कटनी को भोपाल मुख्यालय से ऑनलाइन निविदा के आधार पर वर्ष 2023-25 के लिए खाद्यान्न परिवहन, हम्माली और गोदाम स्तर पर स्टैकिंग कार्य का ठेका दिया गया था।
अनुबंध के तहत 25 सित्मबर 2024 को गोसलपुर रैक प्वाइंट हेतु एस.ओ.आर. से 134% अधिक दर पर अनुबंध किया गया ।10 दिसम्बर 2024 को कछपुरा रैक प्वाइंट हेतु एस.ओ.आर. से 123% अधिक दर पर अनुबंध किया गया।
जांच में सामने आया कि कुल 9 परिवहन आदेशों के माध्यम से नजदीकी कछपुरा रैक प्वाइंट से ले जाई जा सकने वाली खाद्यान्न सामग्री को जानबूझकर दूर स्थित गोसलपुर रैक प्वाइंट से भेजा गया। इससे अनुबंध की उच्च दरों पर भुगतान किया गया। कछपुरा से परिवहन करने पर भुगतान दर 123% अधिक होती। जबकि गोसलपुर से परिवहन दिखाकर दर 134% अधिक ली गई। इस हेरफेर से शासन को कुल 42,07,638 की वित्तीय हानि हुई।
जांच अधिकारी ने पाया कि तत्कालीन जिला प्रबंधक दिलीप किरार ने अपने पद का दुरुपयोग कर जे.एस.आर. एजेंसी कटनी के संचालक शेलैष तिवारी के साथ मिलीभगत की। नजदीकी रैक प्वाइंट छोड़कर दूरस्थ रैक प्वाइंट से परिवहन दिखाकर अनुचित भुगतान किया गया।
इस प्रकार आरोपियों पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

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