
4 करोड़ सेअधिक की हेराफेरी का मामला
जबलपुर /भोपाल। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), जबलपुर द्वारा प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका निवास तथा नगर पालिका परिषद भुआ बिछिया जिला मंडला और राजेश मार्को (दैनिक वेतन कर्मचारी) प्रभारी लेखापाल नगर परिषद निवास जिला मंडलाख, शिव कुमार झारिया के खिलाफ पद का दुरूपयोग करते हुए भ्रष्टाचार कर करोड 80 लाख और एवं 1 करोड रूपये के दुर्विनियोग किये जाने के मामलो में धोखाधड़ी गबन सहित भ्रष्टाचार निवारण की धाराओ में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है।
यह था मामला……
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपियो के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थी। जिसकी जांच में सामने आया की 5 मई 2022 को राजेश मार्को प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद निवास के पद पर तथा शिव कुमार झारिया(दैनिक वेतन कर्मचारी) प्रभारी लेखापाल नगर परिषद निवास पदस्थ थे। शिव कुमार झारिया द्वारा एक नोटशीट तैयार की थी, जिसमें निकाय में उपलब्ध राशि में 3 करोड़ 80 लाख रूपए की एफडी बनाये जाने की बात लिखी गई थी। राजेश मार्को के द्वारा एफडी बनाए जाने की अनुशंसा नोटशीट पर की गई लेकिन इस बात का कोई उल्लेख नही किया गया कि एफडी किस बैंक से और किस ब्याज दर पर बनाई जायेगी। और न ही परिषद से स्वीकृति प्राप्त की गई। इसके बाद 3 करोड़ 80 लाख रूपए नगर परिषद निवास के भारतीय स्टेट बैंक के खाता से शिवांशी इंडिया निधि लिमि.बिंझिया मंडला के एक्सिस बैंक मंडला के खाता में ट्रांसफर कर एक एफडी बनवाई गई। अन्य मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पदस्थ होने पर उनके द्वारा इस एफडी को समाप्त कर इसकी रकम अलग-अलग तारीखो में वापस प्राप्त की। नगर परिषद को केवल मूल धन की राशि ही प्राप्त हुई लेकिन एफडी की अवधि के ब्याज का कोई पैसा नहीं मिला था।

जबकि इस रकम पर कुल ब्याज 15 लाख 50 हजार 892 रूपये बनता है, जिसका पूरी तरह गबन कर लिया गया। इसी तरह राजेश मार्को और शिव कुमार झारिया(दैनिक वेतन कर्मचारी) ने अपनी पदस्थापना के दौरान दुकान नीलामी की मिली हुई 1 करोड़, 73 लाख, 82 हजार, 448 रूपये में से कुछ राशि की एफडी बनाने के लिए प्रभारी लेखापाल शिवकुमार झारिया औश्र दीपक रजक सहा.ग्रेड-3 के द्वारा एक नोटशीट तैयार की गई थी। सीएमओ राजेश मार्को के द्वारा इसकी अनुशंसा की गई तथा एक करोड़ की राशि शिवांशी इंडिया निधि लिमि. के एक्सिस बैंक के खाते में ट्रांसफर कर 50-50 लाख रूपए की रकम की की दो एफडी तैयार करवा ली गई। इसके लिये भी एनबीएफसी में एफडी बनाए जाने के लिए कोई स्वीकृति परिषद से प्राप्त नहीं की गई थी। यह एफडी किस एनबीएफसी में बनाई जावेगी तथा इसकी ब्याज दर भी निर्धारित नही की गई थी। जॉच के दौरान यह भी सामने आया की 50 लाख की एक एफडी 9 प्रतिशत की दर से तथा दूसरी 50 लाख की एक एफडी 10 प्रतिशत की दर से बनाई गई थी। अन्य मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पदस्थ होने पर उनके द्वारा इस एफडी को समाप्त कर रकम को विभिन्न दिनांकों में वापस प्राप्त किया गया। लेकिन नगर परिषद को केवल मूल धन की राशि ही प्राप्त हुई है, और एफडी की अवधि के ब्याज की रकम 44 हजार 203 रुपये का गबन कर लिया गया।
एफडी कराने के बाद इसके खाते से निकाली गई रकम, दिये गये लोन
मप्रशासन वित्त विभाग भोपाल के द्वारा विभिन्न प्रशासकीय निकाय/निगम/ के पास उपलब्ध कोष का विनियोजन म्यूचूअल फंड अथवा गैर बैंकिग वित्तीय कम्पनी में नही किये जाने और सक्षम अधिकारी अथवा संचालक मंडल द्वारा गठित समिति के निर्णय के बिना नही किये जाने संबंधी आदेश दिए गये है। रिजर्व बैंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवांशी इंडिया निधि लिमि.बिंझिया मंडला भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के अंतर्गत एक गैर बैंकिग वित्तीय कम्पनी के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक में पंजीकृत नही है, और इसलिए भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सार्वजनिक जमा राशियां स्वीकार करने/रखने के लिए अधिकृत नही है। शिवांशी इंडिया निधि लिमि.बिंझिया मंडला के संबंध में जांच पर पाया गया कि तीन करोड़ अस्सी लाख रूपए की एफडी कराने के बाद इसके खाते से बड़ी मात्रा में राशियां निकाली और ट्रांसफर की गई है। इसके माध्यम से शिव कुमार झारिया के द्वारा बड़ी संख्या में छोटे-छोटे लोन दिए गए है, तथा लोन लेने वालो से उच्च ब्याज दर वसूल कर रहा है। और इस तरह इस सरकारी पैसै का शिवांशी इंडिया निधि लिमि. बिंझिया मंडला के द्वारा गलत तरीके से उपयोग किया गया है। जॉच में साफ हो गया की राजेश मार्को तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी और शिव कुमार झारिया(दैनिक वेतन कर्मचारी) तत्कालीन प्रभारी लेखापाल और संचालक शिवांशी इंडिया निधि लिमिटेड द्वारा पद का दुरूप्योग एवं अपराधिक न्यासभंग कर बेईमानी से काम करते हुए नगर परिषद निवास की 3 करोड़ 80 लाख की सरकारी रकम का आंशिक गबन और ब्याज की राशि 15 लाख 50 हजार 892 का पूरी तरह से गबन किया गया है। इस शिकायत की जॉच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धारा 409, 120बी भा.द.वि. एवं धारा 7(सी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओ के तहत मामला कायम कर आगे की जॉच की जा रही है।
