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कोल्ड्रीफ कफ सीरप, नेस्ट्रो-डीएस सस्पेंशन को किया गया है प्रतिबंधित
बालाघाट। छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रीफ कफ सीरप के उपयोग से बच्चों की मौत होने के मामले में संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने जिले में कोल्ड्रीफ कफ सीरप एवं नेस्ट्रो -डीएस सस्पेंशन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन प्रतिबंधित दवाओं की जांच करने के लिए कलेक्टर मृणाल मीना ने एसडीएम, तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए है। सीएमएचओ व औषधि निरीक्षकों से स्पष्ट कहा है कि जिले में स्थित समस्त मेडिकल स्टोर्स की जांच कर कोल्ड्रीफ कफ सीरप एवं नेस्ट्रो-डीएस सस्पेंशन के रिकार्ड की जांच करें। सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को उनके क्षेत्र की मेडिकल स्टोर्स की जांच कर इन प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक चेक करने के निर्देश दिए है।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में इन दवाओं के उपयोग से कुछेक बच्चों की मौत हो गई। इन दवाओं के प्रयोगशाला जांच में घातक केमिकल के मिलावट होने की रिपोर्ट सामने आई है। जिसके बाद से इन दवाओं को अब जिले में भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन और सीएमएचओ डॉ परेश उपलप ने इस औषधियों के बालाघाट जिले में उपयोग को प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए है। ताकि इन औषधियों के विक्रय को रोका जाकर जनसामान्य को इन औषधियों से होने वाले दुष्प्रभाव से बचाया जा सके। हालांकि, अधिकारिक रुप से इन दवाओं की बालाघाट जिले में सप्लाई नहीं हुई है। बावजूद इसके प्रशासन इस संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतना चाह रहा है। कलेक्टर मृणाल मीना ने सोमवार को टीएल बैठक में सीएमएचओ, ड्रग इंस्पेक्टर, सभी एसडीएम और तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मेडिकल स्टोर्स में पहुंचकर प्रतिबंधित दवाओं के स्टॉक की जांच करें।


क्लोरफेनिरामाइन,फेनालेफ्रिन के उपयोग के लिए भी जारी हुए निर्देश
सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप द्वारा जिले के सभी डॉक्टर्स, सभी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर्स संचालक तथा निजी चिकित्सालय, नर्सिंग होम एवं क्लीनिक में क्लोरफेनिरामाइन मैजेट आईपी 2 एमजी के साथ ही फेनालेफ्रिन एचसीएल आईपी 5 एमजी ड्रॉप, एमएल का उपयोग 4 वर्ष से कम आयु के शिशुओं के उपचार के लिए न किये जाने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (एफडीसी डीविजन) द्वारा क्लोरफेनिरामाईन मैजेट आईपी 2 एमजी के साथ ही फेनालेफ्रिन एचसीएल आईपी 5 एमजी ड्रॉप/एमएल दवा के ेबल पर औषधि के विवरण पर्चे पर तथा औषधि के प्रचार पाम्प्लेट पर स्पष्ट रूप से चेतावनी अंकित की गई है जिसके अनुसार 4 वर्ष से कम आयु के शिशुओं के उपचार के लिए इस दवा का उपयोग नही किया जाना है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी पत्र में प्रदेश के समस्त पंजीयकृत चिकित्सा व्यावसायियों को निर्देशित किया गया है कि जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुये 04 वर्ष से कम आयु के रोगी शिशु के उपचार के लिए इस औषधि को न लिखा जाए।

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