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शुल्क जमा किया न छात्रों को दी रसीद, लाखों रुपए लेकर सहपाठी फरार

विश्वविद्यालय प्रबंधन पर उठ रहे सवाल जानकारी होने के बाद भी कॉलेज प्रबंधन ने नहीं लिया एक्शन
बालाघाट। विद्यार्थियों से शुल्क की राशि तो ली गई, लेकिन उसे न तो कॉलेज में जमा किया गया और न ही उसकी रसीद छात्रों को प्रदान की गई। सरदार पटेल विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी और एलएलबी के विद्यार्थियों के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी हो गई है। इस धोखाधड़ी से विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। लाखों रुपए के शुल्क की राशि लेकर फरार होने का आरोप सहपाठी पर ही लगा है। विडंबना यह है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को जानकारी होने के बाद भी उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया है। विद्यार्थियों ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर इस मामले की शिकायत की है। इस धोखाधड़ी से विश्वविद्यालय प्रबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार सरदार पटेल विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी और एलएलबी के 25 से अधिक छात्रों से करीब 4.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी हो गई है। धोखाधड़ी किसी अन्य व्यक्ति ने नहीं बल्कि एलएलबी पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के छात्र संतोष पिता बसंत मोहारे निवासी कारंजा जिला गोंदिया, महाराष्ट्र राज्य ने की है। बीए एलएलबी के विद्यार्थियों ने इसकी शिकायत की है। छात्रों का कहना है कि संतोष मोहारे ने दो दर्जन से अधिक विद्यार्थियों से शुल्क जमा करने के नाम पर नगद व ऑनलाइन दोनों माध्यमों से पैसे लिए हैं। लेकिन संतोष ने यह राशि कॉलेज में जमा नहीं कराई है। अब संतोष मोहारे टालमटोल कर रहा है। फोन कॉल्स और मैसेज का जवाब नहीं दे रहा है। इतना ही नहीं वह विद्यार्थियों से नहीं मिल रहा है। जिसके कारण उन्हें काफी चिंता हो रही है।
तीन माह से अधिक हो चुका समय
विद्यार्थियों के अनुसार इस घटना को तीन माह से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान विद्यार्थियों ने अनेक बार उससे संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन संतोष ने अब सभी से अपना संपर्क तोड़ दिया है। किसी प्रकार से वह जवाब भी नहीं दे रहा है। जिससे किसी भी प्रकार की कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व थाना कोतवाली में भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोतवाली से कोई संतोषप्रद कार्यवाही नहीं हो पाई है। जिसके कारण मजबूरी में शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत करना पड़ा है।
कॉलेज स्टाफ को संतोष के कार्यों की है जानकारी
विद्यार्थियों ने बताया कि संतोष मोहारे पहले से ही एमपी ऑनलाइन का कार्य करता है। इसकी जानकारी कॉलेज के स्टाफ को भी है। जिसके चलते विश्वास के कारण संतोष को शुल्क जमा करने के लिए शुल्क की राशि प्रदान की गई। पिछले तीन माह से शुल्क जमा नहीं होने के बाद भी कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को किसी प्रकार से कोई भी बात नहीं की। इससे स्पष्ट होता है कि इस घटनाक्रम में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से कॉलेज प्रबंधन का संरक्षण संतोष मोहारे को प्राप्त था। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई भी एक्शन नहीं लेना अनेक सवालों को जन्म देता है।
इन विद्यार्थियों से हुई धोखाधड़ी
सरदार पटेल विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी, एलएलबी के छात्र मीनल मड़ावी, ज्योति लिल्हारे, रेखा धरवइया, साक्षी पंद्रे, खुशी लांजेवार, सिमरन खान, सोनल धरवे, आर्यन पाठक, देवेश्वरी ठाकुर, आर्या बुद्धा, राखी उइके, नुसरत बेगम, नयंश जैन, ममता बघेल, अंकित राजपूत, पूजा श्रीवास, प्रिया वरकड़े, चैतराम कुशराम, सब्यसांची नाईक, अरविंद धुर्वे, केके साहू, सुखचंद बरैया, राहुल मिश्रा, आयुष इंगुले, सुहानी दशेरिया और छाया लिल्हारे से चार लाख 50 हजार रुपए की राशि की धोखाधड़ी की गई है। इन विद्यार्थियों ने अलग-अलग रुप से यह राशि जमा की थी।
…तो परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे छात्र
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में परीक्षाएं नजदीक है। ऐसे में शुल्क जमा नहीं होने पर उनके परीक्षा में शामिल होने पर संकट मंडरा रहा है। जिसके कारण उनका शैक्षणिक भविष्य भी खतरे में पड़ सकता है। छात्रों ने मांग की है कि संतोष मोहारे के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाए, विद्यार्थियों से ली गई राशि को वसूल कर उन्हें लौटाया जाए और शैक्षणिक हानि को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है।

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