
आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता और एएनएम द्वारा की जा रही जांच
बालाघाट । छिंदवाड़ा एवं बैतूल जिले में कफ सिरप के उपयोग से बच्चों की मौत होने पर बालाघाट जिले में सतर्कता और सावधानी बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल स्टोर्स एवं दवा विक्रेता प्रतिष्ठानों की जांच कर श्रीसन कंपनी के कफ सिरप एवं दवाओं को सीज कर दिया गया है। वहीं कंपनी की दवाओं दवाओं को प्रतिबंधित भी कर दिया गया है। अब कप सिरप की जांच के लिए घर-घर सर्वे किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और एएनएम द्वारा घर-घर पहुंचकर इसकी जांच की जा रही है।
जानाकरी अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से घर-घर जाकर छोटे बच्चों वाले परिवारों का सर्वे अभियान प्रारंभ किया गया है और इस अभियान में बच्चों के परिजनों से कफ सिरप के उपयोग की जानकारी एकत्र की जा रही है। संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास जबलपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के प्रतिपालन में बालाघाट जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम द्वारा घर-घर जाकर कफ सिरप के उपयोग की जानकारी एकत्र की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपमाला मंगोदिया ने जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस सर्वे अभियान में घर घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे वाले घरों में जाकर बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप पिलाया गया है या नहीं इसकी जानकारी एकत्र करें और कफ सिरप लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लें। सर्वे के दौरान बच्चों को दिए गए कफ सिरप की बाटल भी देखने कहा गया है। सर्वे कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं।
