
गन के निर्माण, क्रय- विकय व उपयोग की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम पर उपलब्ध कराएं
नरसिंहपुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले में आम नागरिकों की जान- माल, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा पर्यावरण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से गैस लाइटर, प्लास्टिक पाइप लाइन और कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग से बनी कार्बाइड गन तथा इसी प्रकार के विधि विरूद्ध अन्य खतरनाक उपकरणों के निर्माण क्रय- विक्रय, प्रदर्शन एवं इसके उपयोग को तत्काल प्रतिबंधित किया है। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से प्रभावशील किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत दंडनीय होगा। किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की गन के निर्माण, क्रय- विक्रय, उपयोग की सूचना प्राप्त होती है, तो वह इसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम 07792- 181 पर उपलब्ध कराएं। कंट्रोल रूम तत्काल पुलिस अधीक्षक को ऐसी सूचनाओं से अवगत कराएंगे। पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर ऐसी सूचनाएं प्राप्त होने तथा उक्त आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध विधि अनुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगे। उल्ल्लेखनीय है कि दीपावली पर्व के दौरान पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया- एसओपी का पालन कराए जाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को दिशा- निर्देश जारी किए गए थे। इस आदेश का व्यापक प्रचार- प्रसार भी कराया गया था। उक्त समस्त दिशा- निर्देशों के उपरांत भी दीपावली पर्व पर गैस लाइटर, प्लास्टिक पाइप लाइन और कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग से बनी कार्बाइन गन का सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर अवैध रूप से उसका निर्माण, क्रय- विक्रय एवं उपयोग किए जाने की घटना प्रकाश में आई है। कार्बाइड गन में उपयोग होने वाला कार्बाइड एवं पानी का मिश्रण एसिटिलीन गैस उत्पन्न करता है, जो न केवल आंखों के लिए बल्कि दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए भी घातक है। मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में इसके उपयोग से कई व्यक्तियों की आंखों की रोशनी चले जाने के समाचार प्राप्त हुए हैं। भविष्य में भी इसका उपयोग विवाह समारोह एवं अन्य आयोजनों में किए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जाता है। अत: इसके निर्माण, क्रय- विक्रय, उपयोग एवं प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव लगाया जाना अत्यावश्यक है।
