
ग्राम पंचायत बेलईमाफी के गौंड समाज ने अवैध रूप से बिकने वाली शराब का विरोध किया
गांव में शराबबंदी की मांग
सागर/ रहली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलईमाफी (तारागढ़) के गौंड समाज ने अवैध रूप से बिकने वाली शराब का विरोध किया और शराबबंदी की मांग की। समाजसेवी अक्षय हजारी तारागढ़ ने बताया कि गांव की मातृ शक्ति ने अपनी अपनी पारिवारिक परेशानियां बतलाई जो कि पुरुषों के शराब के सेवन करने के बाद पारिवारिक समस्या बनती हैं। उन्होंने बताया कि न बच्चों का भविष्य बन रहा न खाने को राशन रहता जो कुछ कमाते है पूरा दारू पीने में खर्च कर देते है। यह गांव 60 प्रतिशत नशे का आदि हो चुका है। जिसमें किशोर, युवा, और वृद्ध लोग शामिल है।

लेकिन दीपावली के एक दिन बाद दो युवाओं में शराब पीने के बाद आपस में लड़ाई होने पर उन्हें पछतावा हुआ कि नशे के कारण हम क्या गलती की इसी बात का उन्हें अहसास हुआ और खुद नशे के आदि युवाओं पहल की वह सराहनीय है और दोनो युवाओं ने तुरंत सभी ग्रामीण जनों को बुलाया और बैठक की जिसमें शराब गांव में ना बिकने का निर्णय लिया। क्योंकि आस पास के लोग भी बेलईमाफी में शराब लेने आने लगे थे जिस कारण गांव का माहौल और ज्यादा बिगड़ने लगा।

तभी कुछ स्थानीय लोगों ने शराब बिकने का विरोध किया और गांव की सभी मातृ शक्ति के साथ ढाना चौकी जाकर चौकी प्रभारी के माध्यम से स्थानीय विधायक व पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, पुलिस अधीक्षक सागर, और सागर कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया।

अमान बल्द शोभा जो कि शराब अवैध रूप से बेचता है उसके विरुद्ध खुद शराब पीने वाले पीड़ित लोगों ने शराब गांव में बिकने का विरोध किया उनका कहना है न गांव में बिकेगी न हम लोग बेचने वालों को गांव में आने देगे।

यदि जो भी आया तो उसके लिए जूते की माला पहनाई जाएगी। ओर गांव में किसी ने पी तो पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और गांव की ही बेटियों के विवाह में वह राशि दी जावेगी।
