निरीक्षक सुधीर कुमार बैगी ने की थी मामले की विवेचना


दमोह ! न्यायालय श्री उदय सिंह मरावी, विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) ने सीने पर पत्थर पटक कर हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया है ! अभियोजन के मुताबिक़ फरियादी संतोष अठया (अ०सा०-01) निवासी सेमरा लोधी ने दिनांक-23.03.2024 को आरक्षी केंद्र पथरिया, जिला-दमोह (म.प्र.) में सूचना दी कि गांव के मुन्ना अहिरवार की किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पत्थर पटककर हत्या कर दी गई है, जिसकी लाश गांव के लाखन लोधी (अ0सा0-03) के घर के सामने पड़ी हुई है।
उक्त सूचना की तस्दीक हेतु थाना प्रभारी, आरक्षी केंद्र पथरिया, जिला-दमोह (म.प्र.) घटना स्थल ग्राम सेमरा लोधी पहुंचे, जहा फरियादी द्वारा रिपोर्ट लेखबद्ध कराई गई कि वह ग्राम सेमरा लोधी का रहने वाला है तथा गांव का चौकीदार है। उक्त दिनांक के करीब छः बजे, वह अपने घर में था, तभी उसके गांव के लाखन सिंह लोधी ने आकर बताया कि मुन्ना अहिरवार की लाश उसके घर के सामने रोड पर पड़ी है, उसके सीने में पत्थर की चीप भी रखी है, फिर उसने आकर देखा तो लाखन सिंह लोधी के घर के सामने मुन्ना अहिरवार की लाश रोड पर पडी थी, उसकी लाश के ऊपर सीना में एक पत्थर की चीप रखी थी तथा उसके शरीर में चोट के निशान दिखाई दे रहे थे, देखने से ऐसा लग रहा था कि किसी आदमी से मुन्ना अहिरवार का विवाद हुआ है और किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मुन्ना अहिरवार की मारपीट कर पत्थर सीना पर पटक दिया हो, जिससे मुन्ना अहिरवार की मृत्यु हो गई। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मुन्ना अहिरवार की मारपीट कर पत्थर सीना में पटक कर हत्या कर दी हो, फिर मुन्ना के घरवालों का पता किया, तो मोहल्ले वालों ने बताया था कि मुन्ना अहिरवार के घर वाले किसी का इलाज कराने सागर गये हैं. फिर उसने पुलिस को सूचना दी थी, तो कुछ देर बाद पुलिस आ गई थी। विवेचना के दौरान ही ज्ञात हुआ कि मृतक मुन्ना अहिरवार घटना के पूर्व अंतिम बार लोटन लोधी के साथ देखा गया था, जिसके आधार पर संदेही अभियुक्त लोटन लोधी से पूछताछ की गई। लोटन लोधी ने अपना जुर्म स्वीकार किया गया संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में आई मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी लोटन लोधी को न्यायालय द्वारा आरोपी को भां.द.वि. की धारा 302 व 3(2)(v-a) एससी /एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं कुल 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। मामले में पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी श्री धर्मेंद्र सिंह तारन के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री सतीश कपस्या द्वारा की गई एवं विवेचना निरीक्षक सुधीर कुमार बैगी एवं एसडीओपी रघु केशरी के द्वारा की गई !
