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जबलपुर / मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं न्यायाधिपति विनय सराफ की खंडपीठ में शहडोल निवासी बस ऑपरेटर अजय नारायण पाठक की याचिका पर सुनवाई के पश्चात मध्य प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेटरी एवं स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष मनीष सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है याचिका दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आशीष त्रिवेदी ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि मनीष सिंह की नियुक्ति गजट नोटिफिकेशन के द्वारा मार्च 2025 में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष के रूप में की गई थी। जिस समय जिसमें नोटिफिकेशन के द्वारा मनीष सिंह ने अपने स्वयं के नाम से नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया कर नियुक्ति की गई उस समय मनीष सिंह मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध संचालक के रूप में कार्य कर रहे थे एवं इसके अतिरिक्त मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 68 (2) के अनुसार स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष का पद कोई भी ऐसा कर्मचारी या प्राधिकारी धारण नहीं कर सकता जिसका राज्य सरकार के द्वारा संचालित परिवहन उपक्रम में वित्तीय हित निहित हो जबकि मनीष सिंह मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध संचालक का दायित्व संभाल रहे जिसने राज्य सरकार का वित्तीय हित समाहित है एवं अधिक रूप से परिवहन उपक्रम की श्रेणी में आता है। इसके पश्चात अगस्त माह में मनीष सिंह की नियुक्ति मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा निगमित राज्य स्तरीय कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड कंपनी जिसका कार्य बसों के संचालन के लिए किया गया है, उसका भी प्रबंध संचालक मनीष सिंह को बनाया गया। इस प्रकार मनीष सिंह मोटर व्हीकल अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत राज्य स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष के रूप में कार्य करती रहे हैं जो कि असंवैधानिक है एवं उनके द्वारा इस पद पर किए जा रहे समस्त आदेशों को भी निरस्त करने की मांग इस याचिका के माध्यम से की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुबोध पांडे अपूर्व त्रिवेदी आनंद शुक्ला आशीष तिवारी ने भी पैरवी की।

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