
जबलपुर। मप्र उच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मुंबई को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश जारी किया हैं। याचिका कर्ता तुषार व्यास को 45 दिनों के अंदर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के आदेश जारी गया। याचिकाकर्ता तुषार व्यास द्वारा याचिका में बताया गया कि वे 26 वर्ष के इंजीनियर स्नातक हैं और नियुक्ति की सभी पात्रता रखते है फिर भी बैंक ने निर्धन (इंडीजेंट) परिवार नहीं होने के कारण से नियुक्ति प्रदान करने से मना कर दिया। बैंक प्रबंधन के जवाब पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने आपत्ति उठाते हुए न्यायालय को अवगत कराया कि बैंक ने गलत-सलत ब्यौरे बताकर याचिकाकर्ता के परिवार को मिलने वाली मासिक पेंशन और ऋण की कटौती को बढ़ा-चढ़ाकर जान बूझकर 65 फीसद बताई गई है जबकि सभी स्त्रोतों से मिलने वाली मासिक आय 60 फीसद से कम होने पर अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान हैं और इस तरह याचिकाकर्ता को नौकरी दी जानी चाहिए थी क्योंकि उसके परिवार की मासिक आय 60 फीसद से कम है। जस्टिस विवेक जैन ने बैंक के आदेश एवं बैंक द्वारा प्रस्तुत की जवाब को रद्द कर पुन: नये सिरे से आंकलन कर, 45 दिनों में अनुकंपा नियुक्ति देने एवं 15 दिनों के अंदर याचिकाकर्ता को माहवारी आय के ब्यौरे देने हेतु आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता की ओर से एड. नर्मदा प्रसाद चौधरी, अमित चौधरी एवं आर.एल. चौधरी ने पैरवी की।
