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विहिप-बजरंग दल सहित हिंदू संगठनों की शिकायत पर बरघाट थाने में हुई एफआईआर
सिवनी। बरघाट थाना क्षेत्र में 50 वर्ष पुराना हनुमान मंदिर क्षतिग्रस्त किए जाने के आरोप में वन विकास निगम के एसडीओ, रेंजर सहित कुल 16 वन कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों की शिकायत पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, 14 नवंबर को बेहरई वन डिपो के पास स्थित पुराने हनुमान मंदिर में वन विभाग की टीम द्वारा कथित रूप से तोड़फोड़ की गई थी। संगठन पदाधिकारियों का आरोप है कि एसडीओ अनिल क्षत्रिय, रेंजर दिनेश झारिया, रवि गेडाम, शैलेंद्र परते, श्री पिचले, मसराम (डिप्टी रेंजर), नाकेदार मानेश्वर, भारती, वरकड़े, चौकीदार जानकी बिसेन, वाहीद खान, गोविंद सोलंकी, राजेंद्र चौहान, शिवप्रसाद बिसेन, हसीब खान और जावेद खान की टीम ने मंदिर परिसर में लगे टीन शेड, घंटा, पूजा सामग्री, दान पेटी, कलश और सोलर पैनल को हटाया एवं कई वस्तुओं को जब्त कर लिया।
संगठनों का आरोप है कि बिना राजस्व विभाग या पुलिस को सूचित किए वन अमले ने कार्रवाई की, जिससे मंदिर को भारी क्षति पहुंची और इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं। उनका कहना है कि यह स्थल लंबे समय से क्षेत्र की आस्था का केंद्र रहा है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले उचित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक था।
विहिप और बजरंग दल के नेताओं ने मांग की है कि आरोपित सभी वन अधिकारियों–कर्मचारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मंदिर को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। अन्यथा, उन्होंने चेतावनी दी है कि सकल हिंदू समाज बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग की ओर से फिलहाल इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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