Spread the love

सिवनी हवाला कांड के तीन करोड़ की पुलिस बंदरबांट का मामला

क्राइम ब्रांच का प्रधान आरक्षक सहित एक कारोबारी भी शिकंजे में
सिवनी। सिवनी में हवाला के 3 करोड़ की रकम लूटकांड में मामले में पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की मिलीभगत सामने आने के बाद यह मामला लगातार गर्माता जा रहा है। बंदरबांट के मामले की जॉच के बाद अब जबलपुर क्राइम ब्रांच और सिवनी पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोमवार देर रात को
ओमती में पदस्थ रहे पूर्व सीएसपी पंकज मिश्रा को भी गिरफ्तार किया है। पकंज मिश्रा वर्तमान में बालाघाट में हॉक फोर्स में पदस्थ हैं, पुलिस टीम ने वहीं से उनकी गिरफ्तारी की है। पंकज मिश्रा के साथ ही जबलपुर क्राइम ब्रांच में तैनात प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी और हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी को भी गिरफ्तार किया गया है। सूत्रो के अनुसार जबलपुर क्राइम ब्रांच ने पहले प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी व पंजू गोस्वामी को गिरफ्तार कर सिवनी भेजा, उसके बाद सिवनी पुलिस टीम ने बालाघाट के कंसगी में पदस्थ हॉक फोर्स के डीएसपी पंकज मिश्रा को हिरासत में लिया। सिवनी हवाला कांड की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रमोद से मिले इनपुट पर पंकज मिश्रा ने ही तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे को लीड देते हुए हवाला कारोबारी पर रेड करने की बात कही थी। पूजा पांडे भी अभी जेल में ही बंद हैं। हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी भी इस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल था। उसने प्रमोद को मामले की सूचना दी थी।

क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल से आला अफसरो तक इस तरह पहुचा इनपुट
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा मीडिया से साझा की गई जानकारी में बताया गया की हवाला कारोबारी पंजू गोस्वामी ने सबसे पहले यह सूचना प्रधान आरक्षक प्रमोद सोनी को दी। प्रमोद सोनी ने यह जानकारी डीएसपी पंकज मिश्रा तक पहुंचाई। डीएसपी मिश्रा ने फौरन ही तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे को इनपुट दिया और उसी के आधार पर रेड करवाई गई। रेड के दौरान कारोबारी के पास से 3 करोड़ की रकम बरामद की गई, लेकिन बरामद रकम की पूरी जप्ती न दिखाते हुए इसकी कथित बंदरबांट की गई।

यह था मामला, कारोबारी ने मौके पर दिया था 75 लाख देने का ऑफर
जानकारी के अनुसार सिवनी पुलिस ने नागपुर के एक कारोबारी से करीब 3 करोड़ रुपए जब्त किए थे। आरोप है कि पकंज मिश्रा से इसका इनपुट मिलने पर तत्कालीन एसडीओपी पूजा पाण्डेय अपने गनमैन और कुछ विश्ववसनीय स्टाफ को लेकर निकली। वहीं पास के बंडोल थाने के टीआई अर्पित भैरम भी अपनी सरकारी गाड़ी से इस ऑपरेशन में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। बाद में रात करीब डेढ़ बजे सिवनी के पास सीलादेही इलाके में पुलिस की दोनों टीमों ने घेराबंदी कर हवाला के रुपए लेकर आ रही क्रेटा कार को रोक लिया। जैसे ही हवाला के पैसों से भरी गाड़ी को रोका गया तब नागपुर के कारोबारी सोहन परमार भांप गये की स्थिति काफी बिगड़ सकती है। अपनी रकम बचाने के लिए उन्होनें डीएसपी पूजा पाण्डेय को करोड़ो की रकम का 15 प्रतिशत तक यानी करीब 75 लाख रुपए देने तक का ऑफर दिया। लेकिन डीएसपी पूजा पाण्डेय की योजना शायद कुछ और ही थी, इसलिये उन्होंने लाखो के ऑफर को ठुकरा दिया।

बरामद किये 3 करोड,जप्ती दिखाई 1 करोड़ 45 लाख की
पुलिस ने कार से 3 करोड की रकम बरामद की लेकिन पुलिस रिकार्ड में उसकीजप्ती 1 करोड़ 45 लाख रुपये दिखाई गई। इसके बाद अगले दिन हवाला कारोबारी सोहन परमार जब 3 करोड़ की लूट की शिकायत लेकर कोतवाली थाने पहुंचे तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता और विभाग की बदनामी होती देख आला अफसरो ने फौरन ही एक्शन लिया और एसपी सुनील मेहता ने रात में ही एएसपी दीपक मिश्रा को एसडीओपी दफ्तर जांच के लिए भेजा। एएसपी के सामने डीएसपी पूजा पाण्डेय के दफ्तर की अलमारी खोली गई जिसमें 1 करोड़ 45 रुपए मिले इन पैसों को तुरंत ही जब्त कर मालखाने में जमा कराया गया और अगले दिन सुबह आयकर विभाग को सूचना दी गई।

रात को ही आई जी ने 10 पुलिसकर्मियो को कर दिया था संस्पैड
मामला उजागर होते ही 9 अक्टूबर की रात को आईजी प्रमोद वर्मा ने थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद 10 अक्टूबर को डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पाण्डेय को भी सस्पेंड कर दिया था। सभी के खिलाफ डकैती की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले में डीएसपी पूजा पांडे और थाना प्रभारी सहित बंदरबांट के सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया जिन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया है। इनमें निलंबित एसडीओपी पूजा पाण्डेय भी हैं। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *