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जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति रामकुमार चौबे की युगलपीठ ने भूमि विवाद में छतरपुर के ओरछा थानांतर्गत युवक की हत्या के मामले में सेशन कोर्ट द्वारा पारित उम्रकैद की सजा को अनुचित पाकर निरस्त कर दिया। मुख्य आरोपित गर्जन सिंह की सजा घटाकर महज सात वर्ष और दो हजार जुर्माना कर दी। जुर्माना न चुकाने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा। जबकि तीन आरोपितों जितेंद्र सिंह, भगवान सिंह और वीर सिंह की उम्रकैद की सजा महज एक एक वर्ष और पांच पांच सौ जुर्माने में बदल दी। वहीं पांचवें आरोपित सोनू उर्फ रविन्द्र सिंह को इस आधार पर दोषमुक्त कर दिया कि उसका नाम देहाती मुकदमे में दर्ज नहीं हुआ था। वह भूमि विवाद में पूरे परिवार को फंसाने की साजिश का शिकार बना था।
दरअसल, ओरछा पुलिस स्टेशन क्षेत्र की अदालत ने भूमि विवाद के दौरान एक क्रूर हमले में एक युवक की मौत के मामले में शामिल होने के लिए परिवार के पांच सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। घटना 22 जून, 2020 को सामने आई, जब डेरी गांव के प्रेम सिंह ने ओरछा पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई रणवीर ने जमीन विवाद को लेकर उसे बुलाया था। सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, उन पर, उनके छोटे भाई कट्टू उर्फ दादू और रणवीर पर डेरी गांव में सिद्ध बाबा मंदिर के पास हमला किया गया। विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपितों में से एक गर्जन सिंह ने प्रेम सिंह द्वारा अपनी संपत्ति के दस्तावेज दिखाने के बाद विवादित भूमि से वनस्पति हटाने पर आपत्ति जताई। गुस्से में आकर गर्जन ने अपने भाई भगवान सिंह और उनके साथियों वीर सिंह, जीतेंद्र सिंह और सोनू सिंह को बुलाया, जो लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे। इस हमले में प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और जमीन पर काफी खून बह गया, जबकि रणवीर और कट्टू को भी चोटें आईं। हमलावरों ने पीड़ितों को विवादित भूमि पर वापस लौटने पर और अधिक हिंसा की धमकी दी। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रेम सिंह ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर भगवान सिंह, गर्जन सिंह, वीर सिंह, जीतेंद्र सिंह और सोनू सिंह के खिलाफ आरोप पेश किया। अदालत में एजीपी विश्वनाथ नायक ने मृतक के परिवार का प्रतिनिधित्व करते हुए सभी साक्ष्य और गवाह पेश किये। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश हिमांशु शर्मा ने पांचों आरोपितों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। प्रत्येक को 20,500 रुपये का जुर्माना लगाया था।

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