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चार आरोपियो में दो को 3-3 और दो को 2-2 साल की सजा, दो महिलायें भी शामिल
भोपाल। राजधानी भोपाल की जिला अदालत में जमीन की फर्जी बही लगाकर बदमाशों को जमानत दिलाने के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने गिरोह के 5 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गिरोह के मुख्य सरगना आरोपी नरेश उर्फ कालीचरण को 5 साल की और अन्य आरोपियो में शामिल गणेश मकवाना व आशिया बी को 3-3 साल और माया बाई और संजय श्रीवास्तव को 2-2 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश जयंत शर्मा की कोर्ट ने सुनाया है। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक अनिल शुक्ला ने की। जानकारी के अनुसार मामला 22 जुलाई 2020 का है। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी की कुछ आरोपी जो भोपाल जिला न्यायालय के पांच नंबर गेट पर बैठे हैं। उनमें शामिल आरोपी गणेश मकवाना फर्जी बही उपलब्ध कराता है। क्राइम ब्रांच की टीम ने कोर्ट पहुंचकर आरोपियो से अदालत आने का कारण पूछा। वह सकपका गये और गोलमोल जवाब देने लगे। बाद में हुई पूछताछ में आरोपियों ने मोटी रकम लेकर फर्जी बही पर बदमाशों को जमानत कराने की बात स्वीकार की। आरोपियों द्वारा कोर्ट में लगाए गए जमीन के फर्जी बही पर मजिस्ट्रेट कोर्ट को शंका हुई थी। उन्होंने इसे जांच के लिए क्राइम ब्रांच भेजा। राजस्व विभाग की मदद से क्राइम ब्रांच की टीम बही पर दर्ज खसरा नंबर के व्यक्ति के पास पहुंची। पूछताछ में उसने बताया कि उसके द्वारा कभी जमानत के लिए बही नहीं लगाई गई है। जांच में सामने आया कि फर्जी बही पर फोटो किसी और के थे और नाम किसी अन्य व्यक्ति का था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह लंबे समय से यह गोरखधंधा कर रहे थे। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी कोर्ट में फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत ली है। आरोपियों के पास से फर्जी बही, आधार कार्ड, रबर सील, मतदाता परिचय पत्र, एक नंबर डालने वाली सील जब्त की थी।

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