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मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी का मामला
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने लोकपाल नियुक्ति के विज्ञापन में अधिवक्ताओं को आमंत्रित न करने पर मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी व इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन सहित अन्य को नोटिस जारी किया है। चार सप्ताह में जवाब पेश करने निर्देश दिया गया है।
याचिकाकर्ता टीकमगढ़ निवासी अधिवक्ता कृष्णकांत खरे की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मप्र विद्युत कंपनी के लिए लोकपाल नियुक्ति के संबंध में मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन द्वारा नौ अक्टूबर, 2025 को जारी विज्ञापन चुनौती के योग्य है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस संबंध में जो नियम राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं, उसमें लोकपाल की नियुक्ति हेतु निर्धारित योग्यता लीगल अफेयर निर्धारित की गई है। इसके बावजूद लीगल अफेयर्स के तहत जिला न्यायाधीश के पद पर कार्य करने की दो वर्ष के अनुभव की अनिवार्यता की गई है, जो कि अवैध है। दरअसल, लीगल अफेयर्स के अंतर्गत अधिवक्ता भी आते हैं। आवेदक के पास जिला न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता है, इसलिए उक्त पद के विज्ञापन में जिला न्यायाधीश के पद के अनुभव की अनिवार्यता अधिवक्ताओं के अधिकारों का हनन है।

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