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गौरीघाट में पंजाबी दशहरा महोत्सव की मनोहरी छटा बिखरी
जबलपुर। परम्परानुसार 75वां पंजाबी दशहरा महोत्सव गौरीघाट स्थित आयुर्वेद कॉलेज परिसर में पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन के तत्वावधान में धूमधाम के साथ मनाया गया। 75 फुट ऊँचे विशालकाय रावण व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन श्रीराम ने किया। सोने की लंका दहन, रंग-बिरंगी आतिशबाजी फूटीr। मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंजाब की छटा बिखरी। असत्य पर सत्य की जीत हुई और बुराई का अन्त। इसी के साथ पूरी संस्कारधानी एक बार फिर जय-जय श्रीराम के स्वरों से गूंज उठी। आयुर्वेद कॉलेज ग्राउण्ड में पंजाबी हिन्दू एसोसिएशन के तत्वावधान में पंजाबी दशहरा समारोह गरिमा और असीम उल्लास के साथ मना। बच्चे आतिशबाजी के नजारे देखते मिले और शहरवासी संस्कृति के रंगों में सराबोर हुए। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि पूर्व मंत्री तरुण भनोट, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष रिंकुज विज उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र पाल मलिक ने की| पूर्व मंत्री तरुण भनोत ने की। स्वामी नरसिंहदास जी ने आर्शीवचन दिए। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री चंद्र कुमार भनोट भी उपस्थित थे|
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से श्रीगणेश……
पंजाबी दशहरे की भव्यता किसी लिहाज से कम नहीं थी। परम्परानुसार कार्यक्रम का श्रीगणेश श्री राम स्तुति, देवी अराधना तथा मंगलाचरण के साथ हुई। सेवा भारती के कलाकारों द्वारा वंदना, सुप्रसिद्ध नृत्य एवं कला साधक मोती शिवहरे समूह द्वारा आदिशक्ति जगत् जननी माँ जगदम्बे की स्तुति, पारम्परिक लोक नृत्य की प्रस्तुति, अखिलेश पटेल एंड पार्टी में गणेश वंदना और दुर्गा वंदना की गई। सरदार देवेन्द्र सिंह समूह द्वारा पंजाब के लोकप्रिय समूह नृत्य ‘‘भांगड़ा’’ की शानदार प्रस्तुति दी गई।
श्री राम की शोभायात्रा निकली………….
पंजाबी महिला समिति के संयोजन मे आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रीराम, अनुज लक्ष्मण, भक्त हनुमान को पुष्पों से सजे रथ पर विराजमान रहे। शोभायात्रा में चाचर नृत्य, डांडिया नृत्य, रंग बिरंगी डिस्को लाइट, दुल-दुल घोड़ी, श्याम बैण्ड का सुरीला, कर्णप्रिय प्रदर्शन, अश्वरोही दल मुख्य आकर्षक रहे। मनमोहक अशोक वाटिया पहुंचकर हनुमान ने फल तोड़कर खाये और उसे तहस-नहस कर दिया। रघुनाथ के रथ ने मैदान की पांच बार परिक्रमा लगाई।
आतिशबाजी की छटा बिखरी…………
शानदार आतिशबाजी ने आसमान को इन्द्रधनुषी और सतरंगी कर दिया। रोशन हुए आसमां का नजारा लोग देखते रह गये। शिवाकाशी, चायन और स्थानीय आतिशबाजी तो बस देखने के काबिल रही। रंग-बिरंगी आतिशबाजी को सभी ने कैमरे में कैद किया। बच्चों ने इसका भरपूर लुत्फ उठाया।
रावण-कुंभकर्ण ढेर……..
श्रीराम के आतिशी तीर से विशालाकाय 75 फुट ऊंचे रावण और कुंभकर्ण के पुतले ढेर हो गये। वे धू-धू कर जल उठे। पुतले में भरे बम जोरदार आवाज के साथ फूटे- ऐतिहासिक पर्व विजयादशमी पर एक बार फिर अहंकार, असत्य, अधर्म का दहन हुआ और सत्य की असत्य पर महाविजय हुई। रावण और कुंभकर्ण के विशालकाय पुतले 10 मिनिट में खाक हो गये।

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