बुंदेली फेस्टिवल के माध्यम से आने वाले समय में हम फिल्म और पर्यटन के क्षेत्र में अपने बुंदेलखंड को आगे ले जाएंगे-संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी
बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 का हुआ शुभारंभ

दमोह : हमारी बुंदेलखंड की यह पुण्य भूमि भारत के स्वाभिमान की भूमि है, एक गीत भी चलता है कि ‘ऐसी माटी न दुनिया के खंड-खंड में, जन्म दियो विधाता बुंदेलखंड में’ तो कहीं न कहीं बुंदेलखंड में जन्म लेने के कारण एक गौरव का अनुभव तो होता ही है और आज बुंदेलखंडी भाषा जिस प्रकार से आगे बढ़ रही है, मैं देखता हूं फेसबुक, यूट्यूब, बहुत सारे कलाकार ऐसे आए हैं जो बुंदेलखंडी भाषा में बहुत सारी सीरीज भी बना रहे हैं, बहुत सारी कॉमेडी भी कर रहे हैं और वह देश-दुनिया में बड़ी पसंद की जा रही हैं। बुंदेलखंड के माध्यम से, बुंदेली फेस्टिवल के माध्यम से आने वाले समय में हम फिल्म और पर्यटन के क्षेत्र में अपने बुंदेलखंड को आगे ले जाएंगे। प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने आज एक निजी पैलेस में बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 को सम्बोधित कर रहे थे।

संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने का काम किया है, साथियों हम सब जानते हैं कि आने वाले समय में जैसे भोजपुरी इंडस्ट्री है, यह शुरुआत यह की गई है, उसका बीजारोपण करने का एक प्रयास किया है, आने वाले समय में जैसे भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री है, वैसे ही बुंदेली फिल्म इंडस्ट्री भी हो, बुंदेली भाषा में फिल्में बनें, बुंदेली भाषा के कलाकार देश-दुनिया में अपना नाम रोशन करें, इन सब बातों को लेकर यह पूरा आयोजन किया गया है।

राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा यह शुरुआत है, इसमें कुछ कमियां रह गई होंगी लेकिन किसी भी बात की शुरुआत होती है तो निश्चित रूप से उसका बीजारोपण होता है। किसी ने बड़ा अच्छा ही कहा है कि “‘यूँ ही नहीं मिलती राही को मंजिल, एक जुनून सा दिल में जगाना होता है”। पूछा चिड़िया से कैसे बनाया आशियाना बोली- भरनी पड़ती है उड़ान बार बार, तिनका तिनका उठाना होता है। तो कहीं न कहीं यह काम निरंतर हमको करना पड़ेगा, तिनका तिनका जोड़कर यह बुंदेली इंडस्ट्री हमको खड़ा करनी पड़ेगी।

उन्होंने कहा बुंदेलखंड में फिल्म बनाने की शुरुआत करनी पड़ेगी। हमारी यह भूमि रानी दुर्गावती की भूमि है, रानी अवंतीबाई की भूमि है, शंकर शाह रघुनाथ शाह जी की भूमि है, राजा हृदय शाह की भूमि है, लाला हरदौल की भूमि है, आल्हा ऊदल की भूमि है, तो ऐसे तमाम वीर इस धरती पर पैदा हुए हैं, जिन्होंने कहीं न कहीं देश समाज और राष्ट्र के लिए काम करने का काम किया है,। मध्यप्रदेश सरकार की फिल्म पर्यटन नीति को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित “बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026″ ने प्रथम चरण में प्रवेश किया। सिने जगत के प्रख्यात अभिनेता मुकेश तिवारी ने कहा राज्यमंत्री जी ने प्रयास किया हैं और यह प्रयास और सकारात्मक प्रयास होगा। जहाँ तक बुंदेली कलाकारों के लिए है, तो वे स्वयं सक्षम बनें, भूमि तैयार की जा रही है। अभिनेता श्री तिवारी ने कहा यह आप सभी को संबल दिया जा रहा है। हम अपना कंधा दे रहे हैं, पैर आपको अपने इस्तेमाल करने पड़ेंगे।” यह एक विचार का रोपण हैं। विचार कोई व्यक्ति को फायदा होगा, किसी व्यक्ति ने उसे दूसरे रूप में इंटरप्रियेट करेगा, अधि-निरूपित करेगा, त्वरित फायदा नहीं हो सकता, यह विचार का रोपण है, जहाँ हम आदान-प्रदान करेंगे, आपके विचार भी होंगे।

अभिनेता रघुवीर यादव ने कहा मैं अपना फर्ज निभा रहा हूं और अब वक्त बर्बाद न किया जाये, जो सिलसिला शुरू हुआ उसे और आगे बढ़ाया जाये, क्योकि संस्कृति से ही देश, प्रांत, लोग, इंसान सब इसे ही पहचाने जाते है और हमारे कल्चर कि जो खूबसूरती है, उसे उभारें उसे बरकरार रखिये और उसे आगे बढ़ाइये,। लाइन प्रोड्यूसर वसीम अली ने कहा हम कई सालों से मध्य प्रदेश में शूटिंग कर रहे ,हैं फिल्म बनाई है, दमोह में भी काफी संभावनाएं हैं, यहां अच्छा लगा, यहां फिल्म पर काम करेंगे, यहां का भौगोलिक परिवेश को जाना समझा अच्छा लगा।
सिद्धार्थ मलैया ने कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर सुधीर कोचर की तारीफ करते हुए कहा दमोह कलेक्टर की जितनी प्रशंसा की जाए कम है, बहुत अधिकारी काम इसलिए करते क्योंकि वह उनकी ड्यूटी है, लेकिन उनमें से एक दमोह कलेक्टर ऐसे भी हैं जो इसलिए भी काम करते क्योंकि उनके मन से निकलता है कि यह करना है। श्री मलैया ने बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 की प्रथम शुरूआत के लिये राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह को बधाई दी और कहा इस समागम से अनेक नये-नये कलाकार सामने आयेंगे।अभिषेक भार्गव ने कहा कि यह स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा और उसमें सबसे सुंदर पन्ने में राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का नाम लिखा जाएगा। यह कोई छोटा मोटा कार्यक्रम नही है,राजनेताओ के कार्यक्रमो में भीड़ नापी जाती लेकिन यह ऐसा कार्यक्रम है, जिसका पैमाना भीड़ नही क्वालिटी है, आज का यह हमारा कार्यक्रम क्वालिटी का कार्यक्रम है। यह एक अद्भुत और अविश्वसनीय पहल आदरणीय धर्मेंद्र सिंह जी के द्वारा की गई है।
श्री भार्गव ने कहा बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल को खजुराहो झांसी सागर में भी आयोजित किया जा सकता था, लेकिन अपनी मातृभूमि और गृह जिले में इस कार्यक्रम को लाना एक मंत्री के रूप में भले ही सहज हो सकता है,लेकिन अपनी मातृभूमि की पहचान दुनिया में विकसित हो यह सोच किसी सामान्य व्यक्ति की नहीं हो सकती, बुंदेलखंड को पहचान देने वाले मुकेश तिवारी इस कार्यक्रम में मौजूद है उनका दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा सिनेमा जगत की सादगी का सही स्वरूप आज राज्यमंत्री जी ने दिखाया है। मेरा मानना है कि प्रशासन की दो भूमिकाएं होती हैं, एक इनेबलर (सुविधा प्रदाता) और एक रेगुलेटर (नियामक)। प्रदेश ने 2020 में मध्य प्रदेश राज्य फिल्म नीति बनाई थी। यदि आप इस फिल्म नीति को देखेंगे, तो इसके तीन मुख्य घटक हैं, अनुमति, अनुदान और अवसर। अवसर यह नीति हर फिल्म निर्माता को अवसर देती है, आप किसी भी जिले में जाएं, आपको एक स्वागत योग्य माहौल मिलेगा। अनुमति, एक सिंगल-विंडो सिस्टम (एकल खिड़की प्रणाली) स्थापित की गई है, आप ऑनलाइन आवेदन करते हैं और एक ही पोर्टल के माध्यम से सभी अनुमतियां प्राप्त करते हैं। अनुदान यदि आप यहाँ फिल्म का निर्माण या निर्देशन करते हैं, तो राज्य सरकार नियमों और पात्रता के अनुसार अनुदान प्रदान करती है।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा मेरा मानना है कि फिल्म निर्माताओं को सुविधा देने में जिला प्रशासन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने सभी को आश्वस्त किया कि दमोह जिले में आज जो बीज बोए गए हैं, वे बढ़ेंगे और फलेंगे-फूलेंगे, पूरा जिला प्रशासन दमोह जिले के विकास और फिल्म उद्योग के लिए, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक समृद्धि को पारदर्शिता और सकारात्मक भावना के साथ बढ़ावा देने के लिए अपने अस्तित्व का हर क्षण समर्पित करेगा। उन्होंने कहा एक प्रशासक के रूप में भले ही दमोह जिले का निवासी नहीं हूँ, लेकिन मेरे जीवन का हर पल यहाँ बिताया गया, हर दिन इसके विकास के लिए समर्पित होगा। बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 का शुभारंभ संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सिने जगत के प्रख्यात कलाकार मुकेश तिवारी, दीपू भार्गव, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और अन्य अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्र समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। संस्कृति राज्यमंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बाहर से आये कलाकारों का पुष्पगुच्छ एवं बुंदेलखण्ड फैस्टिवल के अंगोछे भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम उपरांत स्मृति चिन्ह भेंट किये।
