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बिल्डरों ने सरकारी जमीन बेच डाली
जबलपुर। सगड़ा में अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोप में बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म के 7 भागीदारों के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कॉलोनाइजर ने स्वास्तिक कॉलोनी सगड़ा के बीच स्थित नाले और ग्रीन बेल्ट पर गार्डन, पार्क, जिम, स्विमिंग पूल और मकान का अवैध निर्माण किया। इस मामले में लगभग 2.64 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
ईओडब्ल्यू में अहमद वाहिद ने शिकायत दी थी कि बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म ने कॉलोनी के बीच बहने वाले शासकीय नाले और ग्रीन बेल्ट पर पार्क, जिम, स्विमिंग पूल जैसी सुविधाओं का निर्माण कर अवैध लाभ कमाया। जांच में पाया गया कि कंपनी ने सगड़ा में कुल 2.985 हेक्टेयर भूमि पर स्वास्तिक विलास नामक आवासीय कॉलोनी का विकास किया।
ईओडब्लयू के डीजीपी उपेन्द्र जैन ने बताया कि शिकायत प्रथम द्ष्टया यह बात भी सामने आई है कि कॉलोनाइजर ने नगर निगम और टीएनसीपी से जारी अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया। कॉलोनी के बीच सरकारी भूमि और ग्रीन बेल्ट के ऊपर गार्डन, पार्क, रास्ता, जिम और स्विमिंग पूल जैसी संरचनाएं बनाई गईं। कॉलोनी के ब्रोशर में भी इन सुविधाओं को दिखाकर ग्राहकों को लुभाया गया।
ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी ….
बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म ने कॉलोनी में कुल 210 प्लॉट बेचकर लाभ कमाया। विशेष रूप से नाले और ग्रीन बेल्ट की जमीन पर मकान नंबर जी-06 बनाया और इसे 63 लाख रुपये में बेचा। कब्जा किए गए नाले और ग्रीन बेल्ट का क्षेत्रफल 0.12 हेक्टेयर है, जिसकी वर्तमान कीमत 2.64 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस तरह राज्य को 2.64 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति हुई।
जांच में हो सकते हैं चौकान वाले खुलासे…
ईओडब्ल्यू ने बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म के कॉलोनाइजर रजनीत जैन के साथ उनके भागीदार नितिन जैन, अपूर्व सिंघई, पंकज गोयल और भोपाल निवासी श्याम राठौर, श्रद्धा ममतानी, शिल्पा राठौर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120 बी (साजिश) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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