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छिंदवाड़ा। अपनी ही पत्नी की सिर कुचलकर हत्या करने के एक मामले में अतिरिक्त अपर सत्र न्यायाधीश सौंसर के न्यायालय ने अरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया पिता बेनीप्रसाद भूमिया निवासी बरेला जबलपुर को अजीवन कारावास और ५ हजार रूपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अखिल कुमार कुशरा ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि आरोपी ने मृतिका आरती उर्फ शारदा उर्फ गोदावरी से प्रेम विवाह किया था। दंपती की दो बेटियां नैंसी उर्फ डोली एवं मिली उर्फ मुस्कान हैं। आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और उसे घर से बाहर निकलने व किसी से बातचीत करने से रोकता था। घटना से लगभग एक-दो माह पूर्व आरोपी इलाज का बहाना बनाकर पत्नी और बच्चों को लेकर जामसांवली मंदिर क्षेत्र में रहने लगा। योजनाबद्ध तरीके से दिनांक 25 जनवरी 2024 को वह पत्नी को ग्राहक सेवा केंद्र सौंसर से पैसे निकालने के बहाने लेकर गया। पैसे निकालने के बाद ग्राम सांवली की पगडंडी से लौटते समय पंजाबराव के खेत के पास आरोपी ने पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी की हत्या कर दी और शव वहीं छोडक़र जामसांवली मंदिर लौट आया। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां विचारण के दौरान आई साक्ष्य और तर्को से संतुष्ट होकर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया और आजीवन कारावास से दंडित किया।

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