
बर्खास्त संविदा कर्मी को 4.48 लाख जमा करने के आदेश
जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायाधीश मनिन्दर सिंह भट्टी की अदालत ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बर्खास्त संविदा कर्मचारी सुभाष शुक्ला को 15 दिन के अंदर 4.48 लाख रुपये जमा करने के आदेश देने के साथ ही अगली सुनवाई तक श्री शुक्ला की बर्खास्ती पर रोक लगा दी, साथ ही यह शर्त लगाई है की निर्धारित समय में राशी जमा नहीं करने पर स्थगन आदेश स्वत: निरस्त हो जाएगा.
दरअसल मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत जन्मजात दिव्यांग बहरे बच्चों के उपचार में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था. शिवसेना के उपराज्य प्रमुख शैलेन्द्र बारी द्वारा दायर जनहित याचिका और मुख्य मंत्री को की गई शिकायत के बाद इस योजना का फर्जीवाड़ा सामने आया था.
इस मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक द्वारा आरोपी सुभाष शुक्ला को बर्खास्त किये जाने के बाद श्री शुक्ला पर 8 लाख 96 हजार की रिकवरी निकाले जाने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की इस मामले में हाईकोर्ट ने श्री शुक्ला को आदेश दिया है की 15 दिन के अंदर 50 प्रतिशत राशी 4 लाख 48 हजार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएनएम में जमा कराई जाए. इस शर्त के साथ हाईकोर्ट ने श्री शुक्ला की बर्खास्ती पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई है. साथ ही यह कहा है की राशी जमा न करने की स्थिति में स्थगन आदेश स्वत: समाप्त हो जाएगा. हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप कर्ता शैलेंद्र बारी को भी पक्षकार बनाए जाने का आवेदन स्वीकार किया है. मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को होगी।
