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वृद्ध मकान मालकिन महिला से की लाखो की धोखाधड़ी
भोपाल। बागसेवनिया इलाके में किराएदार ने अपनी बुजुर्ग महिला मकान मालिक से 3 साल तक फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन रसीद भेजकर 3 लाख 58 हजार की धोखाधड़ी किये जाने का मामला सामने आया है। आरोपी ऑनलाइन भुगतान दिखाने के लिए फर्जी स्क्रीनशॉट भेजते रहे। बाद में बैंक स्टेटमेंट अपडेट कराने पर वृद्ध महिला को हेराफेरी की जानकारी लगी। इसके बाद जब महिला ने किराएदारों से रकम चुकाने की बात कही तब उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया। तब मामला पुलिस के पास पहुचां और पुलिस ने जांच के बाद आरोपी किराएदार मां-बेटे के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।

फरवरी 2023 से जून 2025 तक भेजे गए सभी यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट फर्जी थे

पुलिस के अनुसार बीती 6 अगस्त 2025 को फरियादिया रेणु खंडेलवाल (64) पत्नी स्व. कृष्ण कुमार खंडेलवाल ने लिखित शिकायत करते हुए बताया की वह आनंद नगर, नर्मदापुरम में रहती है, और घरेलू महिला है। उनके बेटे मयंक खंडेलवाल का एक डुप्लेक्स मकान पेबल कॉलोनी, कटारा क्षेत्र में स्थित है। उस मकान में भावना आहूजा अपने बेटे शुभांक आहूजा के साथ एक मई 2021 से किरायेदार के रूप में 11 हजार रुपये प्रतिमाह किराये से रह रही है। किराएदार द्वारा जनवरी 2023 तक नियमित रूप से किराया अदा किया जाता रहा। 18 जनवरी 2023 को आखिरी बार किराये की रकम फोन-पे/गूगल-पे के माध्यम से उनके बैंक ऑफ इंडिया, नर्मदापुरम स्थित खाते में प्राप्त हुई। इसके बाद भावना आहूजा ने अपने मोबाइल नंबर से हर माह किराया भुगतान किए जाने के स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप पर भेजना शुरू किये। आवेदिका ने बताया कि जून 2025 में भुगतान का स्क्रीनशॉट मिलने के बाद उन्होंने बैंक स्टेटमेंट अपडेट कराया, तब पता चला की किराये की रकम जमा नहीं की गई है। इसके बाद जब पूरे खाते का स्टेटमेंट निकलवाया गया तब खुलासा हुआ कि फरवरी 2023 से जून 2025 तक भेजे गए सभी यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट फर्जी थे। फोन पे और गूगल-पे के कूटरचित ट्रांजेक्शन आईडी बनाकर कुल 3 लाख 58 हजार 335 रुपये का किराया हड़प लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने एक ही यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी का अलग-अलग तारीखों में फर्जी उपयोग दिखाया।

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