
दमोह। जबलपुर । हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने जिला पंचायत में संविदा कर्मी की सेवा समाप्ति के आदेश को प्रथमदृष्ट्या अनुचित पाते हुए क्रियान्वयन रोक लगा दी। इस अंतरिम राहत के साथ ही राज्य शासन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दमोह सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। याचिकाकर्ता दमोह निवासी दीपिका यादव की ओर से अधिवक्ता रत्नभारत तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने याचिकाकर्ता की वर्ष 2023-24 और 2024-25 की वार्षिक गोपनीय चरित्रवाली मतांकन सही नहीं पाए जाने पर 16 जनवरी, 026 को बिना कोई नोटिस दिए सेवा समाप्ति का आदेश पारित कर दिया। याचिकाकर्ता द्वारा पूर्व में विभाग में शौचालय व्यवस्था के संबंध में आवेदन दिया था, जिससे नाराज उच्चाधिकारियों द्वारा याचिकर्ता के विरुद्ध नोटिस जारी किए जाने लगे और परेशान किया जाने लगा। उसके बाद याचिकाकर्ता के वार्षिक गोपनीय चरित्रवली मतांकन रिपोर्ट में कार्य व्यवहार अच्छा न होने के आधार पर बिना कोई नोटिस दिए और संविदा कर्मचारियों की सेवा नियम की धारा-नौ का पालन किए बिना याचिकाकर्ता की सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया।
