
सीएम के निर्देश पर डीजीपी ने एएसआई, एसआई की पात्रता सूची बनाई
दमोह। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक तक पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत पुलिस मुख्यालय ने दो अलग-अलग पदोन्नति समितियों का नए सिरे से गठन किया है।इन समितियों को विभिन्न रैंक की पदोन्नति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच और पात्रता सूची (फिट लिस्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर और सहायक उपनिरीक्षक से उपनिरीक्षक तक की पदोन्नति प्रक्रिया के लिए दो समितियां बनाई गई हैं। पहली समिति की अध्यक्षता एडीजी केपी व्यंकटेश्वर राव कर रहे हैं, जबकि दूसरी समिति की जिम्मेदारी एडीजी जयदीप प्रसाद को सौंपी गई है। पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा ने उपनिरीक्षक से निरीक्षक और सूबेदार से रक्षित निरीक्षक की पदोन्नति के लिए पात्रता सूची तैयार करने का कार्य संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया है। एडीजी केपी व्यंकटेश्वर राव की अध्यक्षता वाली समिति में डीआईजी संतोष सिंह गौर, ओपी त्रिपाठी और एआईजी अमित सक्सेना को सदस्य बनाया गया है। यह समिति उपनिरीक्षकों और सूबेदारों के सेवा रिकॉर्ड, गोपनीय चरित्रावली और अन्य मानकों की जांच कर फिट लिस्ट तैयार करेगी। इसी तरह सहायक उपनिरीक्षक से उपनिरीक्षक पदोन्नति के लिए एडीजी जयदीप प्रसाद की अध्यक्षता में गठित समिति में आईजी एन चैत्रा, डीआईजी साकेत प्रकाश पांडे और एआईजी बीना सिंह को सदस्य बनाया गया है।
चेन सिस्टम से होगी पदोन्नति
इन समितियों की निगरानी में सभी संबंधित कर्मचारियों का रिकॉर्ड जांचा जाएगा और पदोन्नति के लिए पात्रता सूची तैयार की जाएगी। एएसआई से एसआई की पदोन्नति होने के बाद सहायक उपनिरीक्षक के पद खाली होंगे, जिन पर प्रधान आरक्षकों को पदोन्नति दी जाएगी। वहीं प्रधान आरक्षकों के पद रिक्त होने पर आरक्षकों को प्रधान आरक्षक बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस तरह पुलिस मुख्यालय ने आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक तक की पदोन्नति प्रक्रिया को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। हालांकि, पदोन्नति आदेश कब तक जारी होंगे, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। दरअसल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले दिनों डीजीपी को निर्देश दिए थे। जिसके बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने कमेटी का गठन कर दिया है।
