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:: बुरहानपुर में बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता भंग करने वाली आरोपी राजकुमारी सोनी और केन्द्राध्यक्ष निलंबित; संभागायुक्त की बड़ी कार्रवाई ::
इंदौर/बुरहानपुर । मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता में एक बड़ी चूक का मामला प्रकाश में आया है। बुरहानपुर जिले के तुकईधड परीक्षा केंद्र पर अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने वाली मुख्य आरोपी प्राथमिक शिक्षक राजकुमारी सोनी सहित केंद्र के वरिष्ठ प्रबंधन पर प्रशासन ने कठोर कार्रवाई की है। इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने केन्द्राध्यक्ष और सहायक केन्द्राध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनी को जिला स्तर पर पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
घटनाक्रम के अनुसार मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को कक्षा 10वीं के अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान तैनात प्राथमिक शिक्षक राजकुमारी सोनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रश्न पत्र का फोटो खींचा और उसे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर दिया। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद प्रश्न पत्र के इस प्रकार सार्वजनिक होने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि यह न केवल शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही है, बल्कि परीक्षा की गोपनीयता को भंग करने का एक गंभीर प्रयास भी है।
:: लापरवाही के चलते केन्द्राध्यक्ष और सहायक केन्द्राध्यक्ष पर गिरी गाज ::
कलेक्टर बुरहानपुर के प्रतिवेदन के आधार पर संभागायुक्त ने केंद्र के प्रबंधन के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी केन्द्राध्यक्ष जितेन्द्र कुमार कुलकर्णी (शाउमावि डोईफोडिया) और सहायक केन्द्राध्यक्ष अनीता दीक्षित (शाउमावि निम्बोला) को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन अधिकारियों के नियंत्रण में रहते हुए मुख्य आरोपी राजकुमारी सोनी द्वारा मोबाइल का उपयोग किया जाना और गोपनीयता भंग करना उनके पर्यवेक्षण की विफलता को दर्शाता है। आरोपियों ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विभिन्न प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया है।
संभागायुक्त द्वारा यह निलंबन मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान जितेन्द्र कुमार कुलकर्णी का मुख्यालय सहायक आयुक्त कार्यालय जनजातीय कार्य विभाग बुरहानपुर और अनीता दीक्षित का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बुरहानपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
:: डिजिटल दौर में परीक्षा की शुचिता बनाए रखना बड़ी चुनौती ::
डिजिटल युग में बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा की गई यह त्वरित और कठोर कार्रवाई देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक संदेश है कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की डिजिटल लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य मुख्य आरोपी राजकुमारी सोनी सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है।

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