10 वी और 12 वी परीक्षाए शांति पूर्वक, निष्पक्ष, निर्विघन तरीके से सम्पन्न होने पर कलेक्टर ने दिया धन्यवाद
दसवी और बारहवीं के परीक्षार्थियों में से एक भी परीक्षार्थी को जमीन पर बैठकर परीक्षा नहीं देनी पड़ी

दमोह : कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया आज बारह वीं का हिंदी का पेपर था और इसी के साथ माध्यमिक शिक्षामंडल की बारह वीं की परीक्षाएं आज समाप्त हो गई और दसवीं की परीक्षाएं कल एक दिन पहले समाप्त हो चुकी थी। मुझे आपको बताते हुए बहुत खुशी हैं कि इस बार परीक्षाए निष्पक्ष, निर्विघन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने कहा इन परीक्षाओं की तीन-चार बड़ी विशेषताओं में दमोह जिले के लिए ऐतिहासिक हैं।
उन्होंने कहा पहली विशेषता यह कि इस बार प्राइवेट स्कूल और सरकारी स्कूल सभी जगह 100 प्रतिशत परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की सतत् निगरानी के अंदर हुई है, नंबर दूसरा इस बार दमोह जिले के इतिहास में पहली बार है की जब एक भी नकल का प्रकरण परीक्षा में नहीं बना है ये इस शक्ति का ही परिणाम है कि एक भी नकल का प्रकरण नहीं बना है। तीसरी बहुत महत्वपूर्ण बात जो की दमोह जिले में पहली बार हुई है की दसवी और बारहवीं के परीक्षार्थियों में से एक भी परीक्षार्थी को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी नहीं पड़ी, हर परीक्षार्थी के लिए बेंच और टेबल की व्यवस्था कराई गई थी। चौथी बात इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या में वृद्धि की और इस कारण से परीक्षा केंद्र के सम्बन्ध में एक भी शिकायत इस साल नहीं मिली। पांचवी बात इस बार परीक्षा पर चर्चा का एक वृहद्ध कार्यक्रम अभियान चलाया था जिसमें सम्मानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, स्कूल-स्कूल जा करके बच्चों के साथ मिले और फिर परीक्षाओं के समय में हमने बच्चों को परीक्षा केंद्र पर उनका भव्य स्वागत का कार्यक्रम भी रखा। इस बार यह पांच विशेषताए पूरी परीक्षाओं की थी जिन्होंने पिछली परीक्षाओं से इस अलग बनाया।
कलेक्टर श्री कोचर ने विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा यह साबित किया की मेहनत और लगन से परीक्षा देने का परिणाम क्या होता है, इसी का परणाम रहा कि परीक्षा केंद्रों पर कहीं पर भी कोई नकल की सामग्री विद्यार्थी लेकर नही आये, नकल नहीं हुई और बहुत ही शांतिपूर्ण निविर्घन तरीके से परीक्षा संचालित हुई। उन्होंने अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा बच्चों को इस तरीके से तैयार किया कि हमारे बच्चों ने किसी प्रकार की सामग्री का उपयोग परीक्षाओं में नहीं किया।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और उनकी पूरी टीम, परीक्षा प्रभारी और उनकी पूरी टीम उन्होंने रात-दिन एक करके इस परीक्षा को सफल बनाया। उन्होंने कहा एक प्रयोग किया जो कि पहली बार हुआ कि कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक बड़ा कंट्रोल रूम बनाया था जो कि सुबह 06 चालू हो जाता था और सुबह 09:30 बजे तक चलता था, जब तक कि सारे पेपर व्यवस्थित रूप से जाते और परीक्षा ठीक तरीके से संचालित हो जाती। तो यह भी हमने एक नया प्रयोग किया जो की पहली बार इस जिले के अंदर हुआ है। मैं उन कंट्रोल रूम वाले जो प्रभारी थे उन सभी लोगों को, उन सभी कर्मचारी को जिन्होंने इसमें पूरे पेपर के समय में मॉनिटरिंग की उनको बधाई देना चाहता हूं, धन्यवाद देना चाहता हूं।
उन्होंने कहा सभी केंद्र अध्यक्ष, सभी सहायक केंद्र अध्यक्ष, परीक्षा में ड्यूटी करने वाले समस्त शिक्षक इन सब के प्रति मेरा बहुत-बहुत धन्यवाद आभार व्यक्त करना चाहता हूं, हमारे कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में जिन पटवारियों ने इस ड्यूटी को कर्तव्य निष्ठा के साथ अंजाम दिया है, मैं उनको बधाई देना चाहता हूं, धन्यवाद देना चाहता हूं। सारे राजस्व अधिकारी, प्रेक्षक जो अलग-अलग विभागों के अधिकारी थे जिन्होंने इस बार ड्यूटी की उनको धन्यवाद देना चाहता हूँ। कोटवार, पुलिस प्रशासन हर बार थाने में रखे जाते हैं, थाने से सुरक्षा के साथ जाते हैं, पुलिस अधीक्षक महोदय और उनके साथ उनकी पूरी टीम को विशेष धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने कही पर भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, इस प्रकार से हमारा सारा अमला जिसने इस परीक्षा को व्यवस्थित रूप से संपादित करने में मदद की, बहुत-बहुत धन्यवाद आप सभी को और मैं आशा करता हूं कि हमारे बच्चों ने जिस प्रकार से मेहनत करके परीक्षाए दी हैं, मेरा विश्वास है और ईश्वर से प्रार्थना हैं कि उनको अच्छी परिणाम मिले।
