
पटना जिला उपभोक्ता आयोग का यह निर्णय अन्य यात्रियों के लिए भी बनेगा मार्गदर्शक
पटना। अगर आप ट्रेनों से यात्रा करते हैं और अगर आपका वेटिंग टिकट खो भी जाए तो रेलवे को उसका रिफंड देना होगा। हाल ही में पटना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिससे यात्रियों के अधिकारों को मजबूत सुरक्षा मिली है। दरअसल राजकुमार प्रसाद ने रेलवे से टिकट बुक कराया। उनका टिकट वेटिंग में था और कंफर्म नहीं हो पाया। जब टिकट को रद्द करवा कर रिफंड लेने की बारी आई, तो किसी कारणवश उनका टिकट खो गया। रेलवे ने टिकट खो जाने के आधार पर उन्हें पैसा लौटाने से इनकार कर दिया। रेलवे का कहना था कि रिफंड तभी दिया जा सकता है जब मूल टिकट प्रस्तुत किया जाए। राजकुमार प्रसाद ने रेलवे के इस रवैये के खिलाफ उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। उनकी याचिका में यह तर्क दिया गया कि टिकट खो जाने पर भी उनके पास यात्रा और टिकट बुकिंग का प्रमाण मौजूद था, और ऐसे में रेलवे को राशि वापस करनी चाहिए। सुनवाई के दौरान उपभोक्ता आयोग ने माना कि केवल टिकट खो जाने के आधार पर रिफंड रोका नहीं जा सकता। आयोग ने रेलवे को स्पष्ट निर्देश दिया कि वह टिकट की पूरी राशि ब्याज सहित लौटाए। इसके अलावा, मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए हर्जाना देने का भी आदेश दिया। आयोग ने यह भी कहा कि केवल तकनीकी या कागजी आधार पर यात्रियों के वैध अधिकारों को रोकना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है और इसे सेवा में कमी माना जाएगा। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि वेटिंग टिकट खो जाना यात्रियों की गलती नहीं है, और रेलवे को उन्हें न्यायपूर्ण रूप से रिफंड देना ही होगा। इस आदेश को यात्रियों के अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस फैसले से यह संदेश भी गया है कि रेलवे जैसी बड़ी सेवा प्रदाता कंपनी तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी औपचारिकताओं का हवाला देकर यात्रियों के हक से नहीं खिलवाड़ कर सकती। यात्रियों के पास बुकिंग का प्रमाण होने पर रिफंड देना अनिवार्य है, चाहे टिकट खो गया हो। बहरहाल पटना जिला उपभोक्ता आयोग का यह निर्णय अन्य यात्रियों के लिए भी मार्गदर्शक बनेगा। अगर भविष्य में किसी यात्री का वेटिंग टिकट खो जाता है, तो वह इसी फैसले के आधार पर आसानी से रिफंड की मांग कर सकता है। इस फैसले को यात्रियों के अधिकारों की रक्षा और उपभोक्ता संरक्षण कानून को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
