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इंदौर हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश, अगली सुनवाई तक नहीं कर सकेंगे लेनदेन
इंदौर। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव 2022 के बाद नोटिफिकेशन जारी नहीं करने की प्रशासनिक चूक अब एक और नगर परिषद अध्यक्ष पर भारी पड़ गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने रतलाम जिले की जावरा नगर परिषद अध्यक्ष अनम मोहम्मद यूसुफ कड़पा के वित्तीय अधिकारों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक संबंधित अध्यक्ष अपने पद से जुड़े वित्तीय अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेगा। अंतरिम आदेश न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने डब्ल्यूपी नंबर 9863/2026 (रुक्मण धाकड़ बनाम राज्य शासन एवं अन्य) की सुनवाई के दौरान दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमित राज ने दलील दी कि इसी तरह का एक मामला (डब्ल्यूपी नंबर 10957/2024) पहले से न्यायालय में लंबित है, जिसमें अंतरिम राहत दी जा चुकी है। इसी आधार पर वर्तमान याचिका में भी समान राहत की मांग की गई। कोर्ट ने प्रारंभिक आपत्तियों को दरकिनार करते हुए आवेदन स्वीकार किया और प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
7 दिन में प्रक्रिया, 6 हफ्ते में जवाब
अदालत ने निर्देश दिए हैं कि 7 दिन के भीतर प्रक्रिया शुल्क जमा कर नोटिस भेजे जाएं। यदि तय समय में प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो याचिका स्वत: निरस्त हो जाएगी। नोटिस 6 सप्ताह में जवाब के लिए लौटाए जाएंगे।
नोटिफिकेशन तक नहीं मिलेंगे अधिकार
कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में साफ कहा है कि जब तक संबंधित व्यक्ति को विधिवत अधिसूचना के जरिए जावरा नगर परिषद का निर्वाचित अध्यक्ष घोषित नहीं किया जाता, तब तक वह वित्तीय अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकेगा। साथ ही, इस मामले को पहले से लंबित याचिका के साथ सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी के अनुसार इससे पहले भी कई मामलों में इसी तरह की स्थिति सामने आ चुकी है। अब जावरा प्रदेश का ऐसा चौथा निकाय बन गया है, जहां अध्यक्ष के निर्वाचन का नोटिफिकेशन नहीं होने का असर कार्यप्रणाली पर पडऩा तय माना जा रहा है। इससे पहले पानसेमल, श्योपुर और डबरा नगर पालिका के मामले कोर्ट में जा चुके हैं।

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