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लोकायुक्त ने पति को पहले दस हजार लेते पकड़ा रंगेहाथ
इन्दौर। लोकायुक्त टीम ने एक ट्रैप कार्रवाई करते अपने पति के जरिए रिश्वत लेने वाली महिला कर्मचारी को, पति द्वारा दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। महिला कर्मचारी अपने पति के जरिए रिश्वत ही लेती थी। मामला झाबुआ जिला आयुष कार्यालय का है और महिला कर्मचारी का नाम रत्नाप्रेम पंवार सहायक ग्रेड-2 है। उसके खिलाफ इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में रिटायर्ड कर्मचारी कमल सिंह ठाकुर ने 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराते बताया था कि वो शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद में कंपाउंडर के पद पर पदस्थ थे और 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान के लाभ के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। इन बिलों को तैयार करने और कोषालय (ट्रेजरी) से राशि निकलवाने के बदले में आयुष विभाग में सहायक ग्रेड-2 रत्नाप्रेम पंवार ने 12,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी और बाद में सौदा 10 हजार रुपये पर तय हुआ। शिकायत सत्यापन में सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये के साथ कमल सिंह ठाकुर को रिश्वतखोर महिला कर्मचारी रत्नाप्रेम पंवार के पास भेजा। महिला कर्मचारी ने रिश्वत की रकम राजगढ़ नाके पर अपने पति नरेन्द्र पंवार को देने की बात कही और जैसे ही नरेंद्र पवार ने राजगढ़ नाके पर कमल सिंह ठाकुर से 10,000 रुपए लिए वैसे ही पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए रत्नाप्रेम पंवार और उनके पति नरेंद्र पंवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

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