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इन्दौर / दमोह । उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस प्रणय वर्मा की एकलपीठ ने एक अवमानना याचिका सुनवाई उपरांत सख्त रूख अपनाते हुए तत्कालीन एसीएस  स्वास्थ्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मोहम्मद सुलेमान, कमिश्नर हैल्थ व  दमोह के पूर्व कलेक्टर  2010 बैच के आईएएस तरूण राठी सहित चार को दोषी करार देते दो दो माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में तत्कालीन ज्वाइंट डायरेक्टर हैल्थ उज्जैन डॉ. डी के तिवारी और सीएमएचओ मंदसौर गोविंद चौहान शामिल हैं। हालांकि, इस आदेश को तीन सप्ताह की अवधि के लिए स्थगित रखा जाएगा।


हाईकोर्ट के आदेश का समय पर पालन नहीं करने पर याचिकाकर्ता अशोक कुमार पेडियार द्वारा यह अवमानना याचिका दायर की गई थी जिस पर सुनवाई उपरांत अधिकारियों को सजा के लिए जारी आदेश में कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी कर कहा कि ऊपरी अदालत में अपील करना, आदेश के पालन से बचने का आधार नहीं हो सकता। खासतौर पर तब, जब कोई अंतरिम रोक भी न मिली हो। अधिकारियों ने जानबूझकर और लगातार आदेश की अवहेलना की। 
ज्ञात हो कि याचिकाकर्ता पेडियार को वर्ष 2004 से अप्रैल 2016 तक नियमितीकरण का लाभ तथा उससे जुड़े समस्त लाभ देने के पारित पूर्व आदेश का पालन तीन माह में करना था। लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया जिस पर अवमानना याचिका दायर की गई थी। कोर्ट में याचिका को 22 वीं बार सूचीबद्ध करने के बाद 6 फरवरी को अनिवार्य आदेश  दिया था। इसके बाद ही उन्हें अवमानना का दोषी करार देते दो दो महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई।

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