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डर और अंधविश्वास फैलाकर खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले से सामने आया अशोक खरात कांड देशभर में सनसनी मचा दी है। खुद को धर्मगुरु और अंक ज्योतिष जानकार बताने वाला खरात अब यौन शोषण, ठगी और अंधविश्वास फैलाने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार हो चुका है। 18 मार्च को हुई गिरफ्तारी के बाद जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिससे उसके लंबे समय से चल रहे नेटवर्क की परतें खुल रही हैं।
बात दें कि आरोपी खरात पहले मर्चेंट नेवी में कार्यरत था और “कैप्टन” के नाम से जाना जाता था। रिटायरमेंट के बाद उसने खुद को तंत्र-मंत्र और अंक ज्योतिष का जानकार बताकर नया ढोंग शुरु किया। खरात नासिक के मिरगांव क्षेत्र में एक संस्थान और मंदिर की स्थापना की और धीरे-धीरे लोगों के बीच छवि बना ली कि वह शादी, संतान, व्यापार और पारिवारिक समस्याओं का समाधान करना जानता है। बीते 15–16 वर्षों में खरात 50 एकड़ से अधिक जमीन और करीब 18 करोड़ रुपये का फार्महाउस खड़ा कर लिया। उसके पास बड़े अधिकारी, नेता और उद्योगपति तक पहुंचते थे, जहां अपॉइंटमेंट के लिए भारी फीस वसूली जाती थी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि वह लोगों में डर और अंधविश्वास फैलाकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। मंदिर में नकली सांप और जंगली जानवरों के जरिए रहस्यमय माहौल तैयार किया जाता था। खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाया जाता था और उन्हें विश्वास दिलाया जाता था कि उनकी समस्याओं का समाधान विशेष अनुष्ठानों से ही संभव है। कई पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्हें धमकाया जाता था कि अगर उन्होंने किसी को कुछ बताया, तब उनके परिवार को नुकसान हो सकता है।
पुलिस को जांच के दौरान एक पेन ड्राइव मिली जिसमें 58 अश्लील वीडियो क्लिप मिले है। आशंका है कि इसतरह के 100 से अधिक वीडियो हो सकते हैं। आरोप है कि खरात अपने ऑफिस में लगे कैमरों से महिलाओं की रिकॉर्डिंग करता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करता था। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि शादी सुधार या संतान सुख के नाम पर उन्हें बार-बार बुलाकर उनके साथ दुराचार किया गया।
इस पूरे मामले का खुलासा एक कर्मचारी द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन से हुआ। उसकी गर्भवती पत्नी के साथ कथित अश्लील हरकत के बाद कर्मचारी ने छिपा कैमरा लगाकर सबूत जुटाए। 21 मार्च को प्राथमिकी दर्ज हुई और पुलिस ने यौन शोषण, धोखाधड़ी और काला जादू विरोधी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया।
अब तक आरोपी खरात के खिलाफ 10 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं और 50 से ज्यादा शिकायतें पुलिस को मिल चुकी हैं। एक महिला ने आरोप लगाया कि मुझे नशीला पानी पिलाकर दुष्कर्म किया गया, जबकि एक व्यापारी ने 2.62 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया। उस जो “कीमती पत्थर” दिए गए थे, उनकी असली कीमत मात्र कुछ हजार रुपये निकली।
इस मामले का सबसे भयावह पहलू तथाकथित “योनि शुद्धिकरण” अनुष्ठान है। शिकायतों के अनुसार, वह महिलाओं को अकेले कमरे में बुलाकर झूठे धार्मिक प्रक्रिया के नाम पर उनका शोषण करता था। उन्हें मानसिक रूप से डराया और भ्रमित किया जाता था ताकि वे चुप रहें। मामले ने तब और तूल पकड़ा जब रूपाली चाकणकर का पुराना वीडियो सामने आया, जिसमें वे आरोपी खरात के पैर धोती दिखीं। बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से इस्तीफा दे दिया। इस पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए इस्तीफा जरूरी था। लोगों का कहना है कि आज भी गांव में डर का माहौल है। कई लोग खुलकर बोलने से डरते हैं और आरोप है कि खरात ने अवैध निर्माण और जमीन कब्जाने जैसे काम भी किए। यह मामला न केवल एक व्यक्ति के अपराधों को उजागर करता है, बल्कि अंधविश्वास और डर के सहारे चल रहे शोषण के खतरनाक तंत्र को भी सामने लाता है।

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