
इन्दौर। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश भरतकुमार व्यास की कोर्ट ने सात साल पहले हुए आपसी रंजिश के चलते हुए डबल मर्डर केस में सुनवाई पश्चात प्रकरण में चिन्हित सभी 22 आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 148, 427 तथा धारा 302/149 के तहत दोषी करार देते दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें अर्थदंड से भी दंडित किया है।मामला महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र स्थित बंडा बस्ती का है। प्रकरण में अभियोजन पैरवी विशेष लोक अभियोजक आनंद नेमा ने की। अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि 18 जनवरी 2019 की सुबह करीब 6:30 बजे मोहम्मद यूसुफ और मोहम्मद शरीफ मोटरसाइकिल से दूध बेचने बंडा बस्ती से महू आ रहे थे। इस दौरान मोहम्मद यूनुस व नूरुल इस्लाम भी अपनी गाड़ी से उनका पीछा कर रहे थे। जैसे ही वे दोनों नूरजहां के घर के सामने से गुजरने लगे तभी नूरजहां ने साजिश के तहत मिर्च पावडर मोहम्मद यूसुफ और मोहम्मद शरीफ की आँखों पर फेंका और जोर से चिल्लाई- आ जाओ, दोनों जिंदा नहीं बचना चाहिए। नूरजहां की आवाज सुनते ही घात लगाकर बैठे शाहिद, मंजूर, बाशिद, शाकिर, साबिर, शोएब उर्फ पोंडू, तनवीर, सद्दाम, सुफियान, अबरार, जैद, ईरफान, जाकिर, हमूद, वसीम, मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद सूफियान, मोहम्मद इरफान, वसीम, शोएब उर्फ कल्ला, नईम बी और मोहम्मद हमूद लोहे के पाइप, तलवार, डंडे और फालिये सहित अन्य धारदार हथियार लेकर उन दोनों पर टूट पड़े और ताबड़तोड़ हमला किया। घटना में गंभीर रूप से घायल दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। यूसुफ ने एम.वाय. अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि मोहम्मद शरीफ की मृत्यु गोकुलदास अस्पताल में उपचार के दौरान हुई। पुलिस ने शुरुआत में 16 अभियुक्तों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच कार्रवाई शुरू की थी तत्पश्चात साक्ष्य और गवाहों के बयानों के बाद कुल 22 आरोपियों के नाम दर्ज कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया जहां सुनवाई उपरांत सक्षम न्यायालय ने उक्त निर्णय दिया।
