
9 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार , मोबाइल ट्रेसिंग और वैज्ञानिक जांच से खुलासा
बालाघाट। डबल मनी के लालच और अंधविश्वास ने अपराधियों को इस कदर अंधा कर दिया कि उन्होंने एक अकेली बुजुर्ग महिला पर आधी रात जानलेवा हमला कर दिया। लेकिन किरनापुर पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 48 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो चाकू और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि घटना 11 जुलाई की रात करीब 12.30 बजे की है। ग्राम कलकत्ता निवासी 48 वर्षीय लीलाबाई महेश्वरे घर में अकेली थीं। इसी दौरान एक आरोपी घर में घुसा, उनका मुंह दबाया और धारदार हथियार से हमला कर दिया। महिला के सिर, हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल महिला को तत्काल डायल-112 के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटनास्थल से मिला मोबाइल बना ‘क्लू’
मामले में असली मोड़ तब आया जब घटनास्थल से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। एफएसएल टीम की वैज्ञानिक जांच और साइबर सेल की तकनीकी पड़ताल के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध वंश कुथे को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने न सिर्फ अपना जुर्म कबूला, बल्कि पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एक-एक कर 9 आरोपियों को धर दबोचा।
जमीन में गड़े लाखों रुपए की अफवाह ने कराया हमला
एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों को भनक लगी थी कि महिला के घर में डबल मनी योजना से मिले लाखों रुपये जमीन में गाडकऱ रखे हैं। इसी लालच में उन्होंने साजिश रची और हथियारों के साथ घर में घुसकर हमला किया। हालांकि आरोपियों को कोई रकम हाथ नहीं लगी, लेकिन महिला की जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने बताया कि पंड़ा रामसिंग मर्सकोले ने बुजुर्ग महिला के घर में धनराशि जमीन में गड़े होने की जानकारी दी थी। जिसके आधार पर आरोपियों ने यह साजिश रची थी।
इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में रजेगांव निवासी वंश कुथे 20 वर्ष, विजय गोन्दुडे उर्फ मामाजी 26 वर्ष, रमगढ़ी निवासी धनेश्वर पांचे 20 वर्ष, रविन्द्र उर्फ रवि वागडे 19 वर्ष, अंकित राहंगडाले 22 वर्ष बेलगांव निवासी, देवटोला किन्ही निवासी रामसिंग मर्सकोले 55 वर्ष, बोलेगांव निवासी राजेश उर्फ नानू भैया बिसेन 30 वर्ष, देवगांव रजेगांव निवासी नितेन्द्र उर्फ गोलू अगासे 30 वर्ष और रजेगांव निवासी आर्यन कुथे 18 वर्ष शामिल हैं। वहीं शुभम हिंगे और रामा भोयर अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। इस मामले में पुलिस ने प्रारंभिक रूप से बीएनएस की धारा 115(2), 118(1) और 333 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर धारा 331(6), 310(2), 109, 311 और 61(2) भी जोड़ी गई हैं।
इनका कहना है
इस प्रकरण में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपी फरार है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों द्वारा अंधविश्वास के चलते घटना को अंजाम दिया गया था।
-आदित्य मिश्रा, एसपी, बालाघाट
