
गुना । सुआटोर, गोपालपुरा, बडक़ुई, भोटूपुरा, डांगर, बरखेड़ा, गढ़ला, विश्रामपुरा सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्टोरेट पहुंचे और जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर गोपालपुरा स्थित करीब 100 वर्ष पुराने शासकीय तालाब से कथित अवैध कब्जा हटाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि एक व्यक्ति और उसके साथियों ने तालाब पर जबरन कब्जा कर रखा है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को तालाब का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गोपालपुरा का यह शासकीय तालाब वर्षों से आसपास के गांवों की आजीविका और उपयोग का प्रमुख स्रोत रहा है। आरोप है कि गनपत नामक व्यक्ति अपने साथियों के साथ तालाब पर कब्जा जमाए हुए है और किसी भी ग्रामीण को वहां मछली पकडऩे या तालाब का उपयोग करने नहीं देता। विरोध करने पर गाली-गलौज करने के साथ जान से मारने की धमकी दी जाती है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस विवाद को लेकर पहले ग्राम पंचायत में भी बैठक आयोजित की गई थी। उस दौरान संबंधित व्यक्ति ने भविष्य में तालाब पर कब्जा नहीं करने और मछली पालन नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसने दोबारा तालाब में मछली का बीज डालकर कब्जा बनाए रखा। अब यदि कोई ग्रामीण तालाब की ओर जाता है तो उसे धमकाकर भगा दिया जाता है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय तालाब को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए और सभी ग्रामवासियों को उसका समान रूप से उपयोग करने का अधिकार दिलाया जाए। साथ ही आरोपित व्यक्ति और उसके साथियों द्वारा दी जा रही धमकियों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
