
वर्ष 2014 से रेंजर कॉलेज में बंद था प्रशिक्षण
बालाघाट। जिले के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में बहुप्रतीक्षित रेंजर कॉलेज अब बालाघाट में ही संचालित होगा। कॉलेज के प्रस्तावित स्थानांतरण पर रोक लगने के बाद सांसद भारती पारधी ने सोमवार को रेंजर कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर वर्ष 2014 के बाद प्रारंभ होने जा रहे नए बैच के प्रशिक्षण की तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर सांसद पारधी ने रेंजर कॉलेज में पौधारोपण भी किया।
जानकारी के अनुसार रेंजर कॉलेज को जबलपुर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच सांसद भारती पारधी ने इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए संसद में नियम 377 के अंतर्गत कॉलेज को बालाघाट में ही यथावत संचालित रखने की मांग रखी थी। उनके प्रयासों के बाद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने संस्थान को बालाघाट में संचालित रखने का सकारात्मक आश्वासन दिया था, जिसके बाद अब कॉलेज का संचालन बालाघाट में ही सुनिश्चित हो गया है।
निरीक्षण के दौरान सांसद पारधी ने कॉलेज की अधोसंरचना, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा आवश्यक प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सीसीएफ गौरव चौधरी ने बताया कि रेंजर कॉलेज वर्ष 2014 से बंद था। 31 जुलाई को नई बैचेस प्रारंभ किए जाने के लिए सूचना दे दी जाएगी। सितंबर माह से नई बैच प्रारंभ हो जाएगी। यह प्रशिक्षण 18 माह का होगा। नई बैच का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें दूसरी बैच मिलेगी। इस तरह से वरिष्ठ और कनिष्ठ दो बैचों का संचालन इस रेंजर कॉलेज में किया जाएगा।
