एसआईटी ने निर्माण कंपनी, अग्नि सुरक्षा प्रणाली में अधिकारियों की भूमिक संदिग्ध पाई

जोधपुर । जोधपुर पुलिस ने राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन में अनियमितताओं और गंभीर निर्माण दोषों की जांच के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और आठवें व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस आयुक्त ने जांच और गिरफ्तारियों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। पुलिस के मुताबिक एसआईटी ने निर्माण कंपनी, अग्नि सुरक्षा प्रणाली से जुड़े फर्मों और व्यक्तियों और परियोजना की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिकाओं को संदिग्ध पाया।
पुलिस के मुताबिक नए हाईकोर्ट भवन का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था और 2019 में इसे सौंप दिया गया था। हस्तांतरण के बाद कई तरह की खामियां पाई गईं, जिनमें फॉल्स सीलिंग का गिरना, कोर्टरूम नंबर 2 में आग लगना, केंद्रीय गुंबद में दरारें और स्तंभों को नुकसान शामिल हैं।
इसके बाद आईआईटी जोधपुर, आईआईटी बॉम्बे और पीटीएमईएस सहित कई संस्थानों ने भवन की स्थिति का आकलन करने के लिए ऑडिट और सर्वेक्षण किए। जांच के निष्कर्षों के आधार पर, पुलिस ने विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। इमारत से नमूने एकत्र कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए, साथ ही विशेषज्ञों की राय भी ली गई।
पुलिस ने कहा कि जांच में निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाली कंपनियों, काम को अंजाम देने में शामिल एजेंसियों और अग्नि सुरक्षा प्रणाली को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका के बारे में सवाल उठे हैं। इस परियोजना की देखरेख और पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जो अधिकारियों द्वारा कथित आपराधिक विश्वासघात की ओर इशारा करते हैं।
पुलिस ने बताया कि परियोजना से जुड़ी प्रमुख निर्माण कंपनी वीसीएल ग्रुप/वरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक वरेंद्र गर्ग को सोमवार देर रात हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था। गर्ग गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल रहा था। तकनीकी निगरानी और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय की मदद से उसका पता लगाया गया। जोधपुर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 50,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। इस मामले में आठ लोगों की पहचान की जा चुकी है। सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आठवें संदिग्ध की गिरफ्तारी होना बाकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में जितेंद्र शर्मा, नवीन राय, रामेश्वर दयाल और गोपाल लाल, दीपक मित्तल और अजय किशन मुथा शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। जांचकर्ताओं ने कहा कि अगर जांच में अतिरिक्त व्यक्तियों, अधिकारियों या कंपनियों की संलिप्तता साबित होती है तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
