
सिंहस्थ 2028 के सड़क चौड़ीकरण को लेकर हाई कोर्ट में समझौता
उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहे शाही मस्जिद विवाद का सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में समझौते के बाद निराकरण हो गया। मुस्लिम पक्ष ने उज्जैन नगर निगम के साथ हुए समझौते की जानकारी अदालत को दी। इसके बाद न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ ने मुस्लिम पक्ष की दो रिट अपीलों का निराकरण कर दिया। अदालत ने निगम की ओर से दिए गए आश्वासन और अंतरिम नोटिस को उसके लिए बाध्यकारी माना।
मामले में प्रशासन की ओर से शाही मस्जिद का करीब साढ़े नौ फीट हिस्सा सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की बात कही गई थी। मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने सुनवाई के बाद बताया कि समझौते के तहत अब करीब तीन फीट हिस्सा हटाने पर सहमति बनी है। मस्जिद के मीनार वाले हिस्से को भवन परिसर के भीतर स्थानांतरित किया जाएगा। वहीं, ग्राउंड फ्लोर की प्रभावित दुकानों के बदले अन्य स्थान पर दुकानें उपलब्ध कराने का नगर निगम ने आश्वासन दिया है।
:: सिंहस्थ के लिए 272 संरचनाएं प्रभावित ::
उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था से जुड़े काम किए जा रहे हैं। नगर निगम ने हाई कोर्ट को बताया कि संबंधित परियोजना में कुल 272 संरचनाएं प्रभावित होंगी। इनमें 80 से अधिक धार्मिक स्थल शामिल हैं और निगम के अनुसार इनमें अधिकांश मंदिर हैं। परियोजना के लिए राज्य सरकार ने करीब 9.8 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
निगम की ओर से अदालत को बताया गया कि शाही मस्जिद के सड़क निर्माण में बाधा बन रहे हिस्से को स्वयं हटाने पर मुस्लिम पक्ष रविवार को सहमत हुआ था और सोमवार सुबह से इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई।
