
जबलपुर । हाईकोर्ट की जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने समूह-3 के उपयंत्री, मानचित्रकार, प्रयोगशाला तकनीशियन एवं अन्य समकक्ष पदों की सीधी भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट में लंबित याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
मामला संविदा पर कार्यरत सब इंजीनियरों को सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण और आयुसीमा में छूट का लाभ नहीं दिए जाने से जुड़ा है।
याचिकाकर्ताओं मनोज कुमार हल्दकार और प्रशांत कुररिया की ओर से अधिवक्ता अनुराग दुबे ने कोर्ट में तर्क दिया कि लागू प्रावधानों के तहत संविदा कर्मचारियों को आरक्षण के साथ-साथ सेवा अवधि के अनुरूप आयुसीमा में छूट का लाभ मिलना चाहिए।सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ओवरएज हो चुके याचिकाकर्ता प्रशांत कुररिया को फिलहाल भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी दी। हालांकि यह अनुमति याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
महत्वपूर्ण यह है कि हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक नहीं लगाई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया को अंतिम फैसले के अधीन कर दिया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अब अंतिम फैसला यह तय करेगा कि संविदा सब इंजीनियरों को 50 प्रतिशत आरक्षण और आयुसीमा में छूट का कानूनी लाभ मिलेगा या नहीं, तथा इसका मौजूदा भर्ती प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा।अगर इसे अखबार की वेबसाइट के लिए और ज्यादा तीखी हेडलाइन + 5-6 पैराग्राफ की कोर्ट रिपोर्ट बनाना हो तो मैं उसी अंदाज में भी तैयार कर सकता हूं।
