अफसरों को दिया कोर्ट के आदेशों और नियमों का हवाला
12 अक्टूबर को पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने किया था भूमिपूजन

दमोह । पंचायत हिरदेपुर में स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में स्वीकृत सामुदायिक भवन के निर्माण पर रोक लगाने व टेंडर निरस्त करने की माँग शिकायतकर्ता अनुराग हजारी ने कलेक्टर दमोह ,कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दमोह ,कमिश्नर सागर, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्य प्रदेश शासन, आयुक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्य प्रदेश शासन भोपाल को पत्र देकर की है। जिसमें कहा गया है कि 12 अक्टूबर 2026 को जिले की ग्राम पंचायत हिरदेपुर में बने सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में निर्माण एजेंसी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दमोह के द्वारा निर्मित किए जाने वाले सामुदायिक भवन का भूमि पूजन मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल के द्वारा किया गया है जबकि नियमानुसार सार्वजनिक पार्क में सामुदायिक भवन या अन्य प्रकार की निर्माण संरचनाओं का निर्माण नहीं किया जा सकता।

शिकायत में कहा गया है कि उपरोक्त पार्क में पूर्व से ही सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति निर्माण को लेकर जनहित याचिका अनुराग हजारी विरुद्ध कलेक्टर दमोह , ग्राम पंचायत हिरदेपुर ,मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है जिसमें कलेक्टर दमोह ने उक्त प्रकरण में पार्क के नाम पर जमीन ग्राम पंचायत की होने का लेख किया था किंतु वास्तविकता यह है कि आज भी उक्त पार्क पर मध्य प्रदेश प्रगतिशील कुर्मी संगठन के कर्ताधर्ताओं का कब्जा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सार्वजनिक पार्कों में किसी भी प्रकार के गैर पार्क निर्माण कार्यों को प्रतिबंधित कर रखा है। …….

सार्वजनिक पार्कों में किसी भी प्रकार की गैर पार्क निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध
हजारी ने कहा है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में सार्वजनिक पार्कों में किसी भी प्रकार की गैर पार्क निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाने और उसे जनता के साथ विश्वास घात मानने से जुड़े दो मामले क्रमशः इस प्रकार हैं एक प्रीति सिंह बनाम मध्य प्रदेश राज्य रिट पिटीशन नंबर 470 / 2011 जिसमें न्यायालय ने साफ किया है कि एक बार जब कोई जगह जनता के लिए पार्क घोषित हो जाती है तो नगर निगम या स्थानीय प्रशासन केवल उसकी देखरेख की ट्रस्टी होते हैं वह पार्क की प्रकृति बदलकर वहां कम्युनिटी हाल या अन्य कोई निर्माण नहीं कर सकते हैं । जिस सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में सामुदायिक भवन का भूमि पूजन कराया गया है उसके प्रशासनिक स्वीकृति में वास्तविक स्थल पार्क शब्द का उल्लेख न कर सरदार वल्लभभाई पटेल मूर्ति प्रांगण नाम से उल्लेख किया गया है । उक्त निर्माण के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्य प्रदेश शासन के अवर सचिव के द्वारा जारी संशोधित आदेश क्रमांक पं. राज / निर्माण / 836/ 2026/ 576 भोपाल दिनांक 30 3.2026 के द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है विभागीय अफसर भी भलीभांति तथ्य से परिचित थे कि सार्वजनिक पार्क में उपरोक्त प्रकार के निर्माण हेतु प्रशासकीय वह वित्तीय अनुमति नहीं दी जा सकती है।

पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत हिरदेपुर ने 21 जनवरी 2021 को प्रस्ताव क्रमांक 7 के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर खसरा नंबर 22 / 5 रकबा 0.80 हेक्टेयर भूमि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण विभाग मंत्रालय द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल उद्यान विकास हेतु जो ग्राम पंचायत हिरदेपुर को आवंटित की थी उसे एक जाति विशेष के ट्रस्ट (मध्य प्रदेश प्रगतिशील कुर्मी संगठन लोक न्यास ट्रस्ट) को रखरखाव के नाम पर राजनैतिक दबाव के चलते सौंप देने का प्रस्ताव पारित कर दिया था जबकि इस तरह के मामलों में रखरखाव खुद ग्राम पंचायत करती है या विशेष परिस्थितियों में अनुभवी एनजीओ को निविदा के माध्यम से रखरखाव हेतु दिया जा सकता है किंतु किसी जाति विशेष के ट्रस्ट को नहीं दिया जा सकता है ।

उक्त मामले में जनहित याचिका अनुराग हजारी विरुद्ध कलेक्टर दमोह ग्राम पंचायत हिरदेपुर व अन्य उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है। हजारी द्वारा वल्लभ भाई पटेल पार्क में स्वीकृत सामुदायिक भवन के किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगाने और टेंडर निरस्त करने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने माँग सम्बन्धित विभागीय अफसरों से की गई है।
