मुरैना तहसील कार्यालय में रिश्वत की पहली किस्त लेते पकड़ा गया आरोपी

मुरैना। जमीन का सीमांकन करने के एवज में रिश्वत मांगने वाले पटवारी को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को सात हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी पटवारी प्रदीप शर्मा ने सीमांकन के लिए 25 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई की और रिश्वत की पहली किस्त के रूप में सात हजार रुपये लेते ही उसे पकड़ लिया।
लोकायुक्त के अनुसार, आवेदक मुरारी लाल कुशवाहा (70), निवासी ग्राम मुरैना गांव का पूरा, ने 16 अक्टूबर 2026 को जमीन के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय में ऑनलाइन रसीद और आवेदन जमा किया था। इस पर तहसीलदार ने 21 अक्टूबर को आरआई कतरौलिया और संबंधित हल्के के पटवारी प्रदीप शर्मा को सात दिन में सीमांकन करने के निर्देश दिए थे।
आवेदक जब पटवारी से मिला तो उसने सीमांकन करने के बदले 25 हजार रुपये खर्चा-पानी के रूप में देने की मांग की। रिश्वत नहीं देना चाहते हुए आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की। शिकायत के सत्यापन के बाद मंगलवार, 3 नवंबर को तहसील कार्यालय मुरैना में तहसीलदार के कक्ष में ट्रैप कार्रवाई की गई। इस दौरान पटवारी को सात हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। लोकायुक्त की टीम आगे की कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप टीम में निरीक्षक बलराम राजावत, उपेंद्र दुबे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
