आरोप: सोनवानी ने नेता और अफसरों के रिश्तेदारों को पैसे के बदले दिए सरकारी पद
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के भर्ती घोटाले में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया है। गोयल पर आरोप है कि उन्होंने सोनवानी को रिश्वत दी थी। गोयल ने अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका गोयल को नौकरी दिलाने के लिए सोनवानी के करीबी एनजीओ को 45 लाख रुपए सीएसआर फंड के रूप में दिया।
सोनवानी के कार्यकाल (2020-2022) में हुए भर्ती घोटाले में वीआईपी उम्मीदवारों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चयनित कराया गया। आरोप है कि कई कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 करीबी रिश्तेदारों को पैसे के बदले सरकारी पद दिए। सीबीआई ने भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत मिलने पर मामला दर्ज किया। जल्द ही अन्य अफसरों और नेताओं पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।
सीबीआई ने कहा कि 2020-2022 के बीच डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य पदों की भर्ती में अनियमितताएं सामने आई थीं। वीआईपी उम्मीदवारों के चयन के लिए परीक्षा और इंटरव्यू में धांधली की गई। सोनवानी पर अपने कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और भर्ती में गड़बड़ी के आरोप हैं। श्रवण कुमार गोयल जो बजरंग पावर के डायरेक्टर हैं उन्होंने अपने बेटे-बहू की भर्ती के लिए रिश्वत दी।
सीबीआई जल्द ही अन्य वीआईपी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इस घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों और नेताओं को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। भर्ती घोटाले से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वीआईपी संस्कृति और पैसे के बल पर हो रही भर्तियों से राज्य में मेधा और ईमानदारी पर संकट मंडरा रहा है। भर्ती घोटाला छत्तीसगढ़ में सरकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के बढ़ते प्रभाव का गंभीर उदाहरण है। मामले में सीबीआई की जांच और कार्रवाई से अनियमितताओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
