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दमोह : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में शिशु मंदिर स्कूल में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम निवारण प्रतिषेध) अधिनियम 2013 एवं महिला व बच्चों के अधिकार के संबंध में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। उक्त शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्या रामटेके,  जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, असिस्टेंट लीगल एण्ड डिफेंस काउंसिल ऋिचा त्रिपाठी, प्राचार्य राजीव कुमार तिवारी सहित समस्त स्टाफ एवं छात्र/छात्रायें उपस्थित रहीं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दमोह दिव्या रामटेके ने छात्रों को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम निवारण प्रतिषेध) अधिनियम 2013 के बारे में जानकारी देते हुये बताया गया कि यह एक्ट कामकाजी महिलाओं के लिये बनाया गया हैं। उनके साथ कार्यस्थल पर कोई लैंगिक उत्पीड़न होने की दशा में आंतरिक शिकायत समिति एवं स्थानीय शिकायत समिति के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकती हैं। इन समितियों द्वारा आवश्यक कदम उठाये जायेंगे।

            जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बताया विधिक रूप से साक्षर होना प्रत्येक नागरिक को आवश्यक है इसके अभाव में नागरिक अपराध कर बैठते हैं। उन्होने बाल अपराधों के संबंध में कहा कि दिनो-दिन बालकों के साथ अपराध बढ़ रहे है। बालकों को अपने साथ घटित होने वाले अपराधों को जानना व समझना चाहिये। उन्होंने साईबर क्राईम के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी इंटरनेट या सोशल मीडिया पर न रखें अन्यथा कोई इसका दुरूपयोग कर सकता है। यदि आपके साथ साईबर क्राईम होता है तो इसकी जानकारी साईबर सेल को जरूर दे जिससे अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने मोटर दुर्घटना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

            सुश्री ऋचा त्रिपाठी ने बच्चों को महिला एवं बच्चों के अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि यदि उनके साथ किसी प्रकार लैंगिक अपराध होता है तो मानसिक तनाव न लेते हुये अपने माता-पिता, शिक्षक एवं पुलिस प्रशासन को अपराध के बारे में जानकारी दे। इसके साथ ही उन्होंने म.प्र. अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि इस एक्ट के तहत किसी के साथ लैंगिक अपराध होने पर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

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