

शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने अपने उम्मीदवारों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की
मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे से ठीक पहले महायुति और महाविकास अघाड़ी में मुख्यमंत्री बनने की लड़ाई तेज हो गई है। सत्तारूढ़ महायुति से लेकर महाविकास अघाड़ी तक में सीएम चेहरे को लेकर कई दावेदार सामने आए हैं। इसके लिए खासतौर पर विपक्षी गुट एमवीए को सतर्क देखा जा रहा है। शुक्रवार को एनसीपी(प्रमुख) चीफ शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे ने अपने उम्मीदवारों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की है और उन्हें सेफ्टी मंत्र दिया है।
दरअसल शरद और उद्धव दोनों के साथ पिछले अनुभव ठीक नहीं रहे हैं। जून 2022 में एकनाथ शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे से बगावत कर सरकार गिरा दी थी। उसके बाद जुलाई 2023 में अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार को झटका देकर महायुति सरकार में शामिल हो गए। शिंदे और अजित की वजह से महाराष्ट्र में दो नए गुट उभरे और राज्य के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल गया।
घटनाक्रम के बाद एमवीए हाईकमान नहीं चाहता है कि फिर से किसी तरह की टूट हो और चुने हुए विधायक महत्वाकांक्षा में किसी दूसरे गुट से जाकर हाथ मिला लें। इसकारण एमवीए के नेता अलर्ट हो गए हैं और विधायक बचाने की कवायद में लग गए हैं।
दरअसल, महाविकास अघाड़ी में मुख्यमंत्री पद को लेकर तस्वीर साफ नहीं की गई है। वोटिंग के बाद अब नतीजे आने का इंतजार है। इसके पहले सीएम फेस को लेकर विपक्षी गुट में खींचतान देखने को मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक, काउंटिंग से पहले उद्धव और शरद पवार ने अपने नेताओं और उम्मीदवारों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की है और शनिवार को आने वाले नतीजों के बाद शाम तक मुंबई आने की अपील की है, ताकि आगे की रणनीति बनाकर उस सिलसिले में सभी को जानकारी दी जा सके।
दोनों गुटों ने जीतने वाले उम्मीदवारों के लिए मुंबई में आवास की अस्थायी व्यवस्था की है। इस दौरान उद्धव और शरद ने अपने नेताओं से कहा कि जो भी चुनाव जीतकर आएं, वहां महायुति के बहकावे में ना आए। उम्मीदवारों से कहा गया है कि वे महायुति नेताओं के किसी भी प्रलोभन या दबाव की रणनीति का शिकार ना हों।
इसके पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा था, राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व में एमवीए की सरकार बनने जा रही है। उनके बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया देकर कहा, हमें पटोले की भूमिका स्वीकार नहीं है।
महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे), एनएसपी (शरद पवार) शामिल हैं। जबकि महायुति में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार) गुट शामिल हैं। इन दोनों गठबंधनों ने दावा किया है कि राज्य में हमारी ही सरकार बनेगी। कई एग्जिट पोल्स ने भविष्यवाणी की है कि एनडीए अलायंस सत्ता में आ सकता है।
वहीं महायुति की ओर से शिवसेना विधायक और पार्टी प्रवक्ता संजय शिरसाट ने कहा कि विधानसभा चुनाव शिंदे के चेहरे पर लड़ा गया है। वोटर्स ने भी शिंदे को अपनी पसंद बता दिया है। मुझे लगता है कि शिंदे का पूरा हक है कि वह अगले मुख्यमंत्री बनें।
