
जेएमएफसी कोर्ट में एक वर्ष से लंबित वाद पर बरती सख्ती
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी, जेमएमएफसी कोर्ट में लंबित वाद 60 दिन में निराकृत करने के निर्देश दिए। इसी के साथ याचिका का पटाक्षेप कर दिया। मामला जबलपुर निवासी शुभम अवस्थी नामक युवक द्वारा फर्जी डिग्री के आधार पर जिला चिकित्सालय में चिकित्सा अधिकारी के पद पर नियुक्ति प्राप्त करने के आरोप से संबंधित है। याचिकाकर्ता शिवसेना के प्रांतीय उपाध्यक्ष शैलेंद्र बारी की ओर से अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता द्वारा पुलिस अधिकारियों को जांच करने और अंतिम रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी करने की मांग की गई है। दरअसल, उसने 10 अगस्त, 2023 को जेएमएफसी कोर्ट में वाद दायर किया था। एक वर्ष से अधिक बीतने के बावजूद वाद लंबित है। अालम यह है कि संबंधित पुलिस स्टेशन से बार-बार रिपोर्ट की मांग रही है। जबकि नियमानुसार स्टेटस रिपोर्ट नहीं बल्कि जांच प्रतिवेदन तलब किया जाना चाहिए। पुलिस को एफआइआर दर्ज कर जांच प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करना चाहिए। लेकिन ऐसा न किए जाने से ओमती पुलिस की कार्यप्रणाली कठघरे में है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि शुभम अवस्थी नामक युवक ने कोविड-19 के काल में विक्टोरिया अस्पताल में आयुष चिकित्सक के पद पर नियुक्ति पाने के लिए रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से आयुर्वेद स्नातक की कूटरचित डिग्री बनवाकर संलग्न की थी। हाई कोर्ट ने सभी तर्क सुनने के बाद याचिका संबंधित जेएमएफसी को इस निर्देश के साथ निराकृत कर दी कि वे आवेदक द्वारा दायर आवेदन का इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करने की तारीख से 60 दिनों की अवधि के भीतर विधिसम्मत निर्णय लें।
