
रीवा । प्रदेश की राजनीति को हिला देने वाले बहुचर्चित हनी ट्रैप कांड के मुख्य शिकायतकर्ता और पीड़ित नगर पालिक निगम इन्दौर के 64 वर्षीय पूर्व सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह का निधन हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका निधन रीवा में उनके पैतृक निवास पर हुआ। उनकी मौत संभवत: दिल का दौरा पड़ने से हुई। पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हरभजन सिंह की पत्नी अपने बेटे के साथ दूसरे शहर में रहती हैं। उन्हें भी सूचना दे दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम के सिटी इंजीनियर रहे हरभजन सिंह ने तत्कालीन कमलनाथ सरकार के समय में पलासिया थाने में केस दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि कुछ युवतियों द्वारा वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। इसके बाद मामला भोपाल तक पहुंचा। इन्दौर और भोपाल पुलिस ने इसमें एक के बाद एक चार युवतियों व अन्य को गिरफ्तार किया। वहीं, हरभजन सिंह के खिलाफ भी दुष्कर्म संबंधी शिकायत हुई। इस पूरे कांड के बाद सिंह निलंबित भी हुए और उन्हें अटैच कर रीवा भेज दिया गया। निलंबन के बाद कुछ दिनों तक हरभजन सिंह इन्दौर में ग्रेटर कैलाश मार्ग पर स्थित नवनीत टॉवर में उनके फ्लेट रहे, बाद में वे रीवा में स्थित अपने पैतृक निवास पर रहने चले गए थे। उनकी पत्नी और बेटे भी कुछ समय से दूसरे शहर में रहने चले गए थे। हरभजन सिंह करीब दो साल पहले शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति भी हो चुके थे।
:: कोर्ट में चल रहा है हनी ट्रैप कांड का केस ::
वर्ष 2019 में यह कांड चर्चा में आया था, इसमें सिंह ने बताया था कि इन्दौर के होटल में एक रूम में समय-समय पर उनके कुछ वीडियो बनाए गए और फिर 3 करोड़ रुपए की डिमांड की गई। जब युवतियों को पकड़ा गया था, उनके पास भारी मात्रा में सीडी, पैनड्राइव व मोबाइल में वीडियो पाए गए। इसमें कई सीनियर अधिकारियों के साथ ही नेताओं के वीडियो होने की बात कही गई। लेकिन इन नामों का खुलासा नहीं किया गया। हालांकि कुछ और हाईप्रोफाइल लोगों के नाम युवतियों के बयान और चालान में लिए गए हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी आरती, मोनिका, श्वेता (पति विजय), श्वेता (पति स्वप्निल), बरखा को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। अभिषेक ठाकुर, रूपा भी आरोपी हैं। इन सभी की बाद में जमानत हो गई।
