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साधारण सभा की बैठक में विपक्षी पार्षद काम न होने से धरने पर बैठे
जबलपुर। नगर निगम साधारण सभा की 2 दिसंबर को स्थगित हुई बैठक शुक्रवार को पुन: पंडित भवानी प्रसाद सभाकक्ष में शुरु हुई| पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याओं का पुलिंदा लिए बैठे थे। सुबह 11 बजे शुरू हुई| बैठक में शुरुआती एक घंटा तो शांति से कटा, लेकिन जैसे ही विकास कार्यों के भुगतान पर चर्चा शुरू हुई, सदन का माहौल गर्मा गया और विपक्ष के पार्षदों ने नारेबाजी तक की। इस हंगामे को सत्ता पक्ष के कई पार्षदों की मौन स्वीकृति भी मिली, क्योंकि उनकी भी यही समस्या थी। इसके बाद किसी तरह सदन एक घंटे तक चला और फिर भोजन अवकाश हो गया। भोजन अवकाश के बाद अशफाकउल्लाह खां वार्ड के पार्षद वकील अंसारी अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर धरने पर बैठ गए। जिन्हें किसी तरह भाजपा पार्षद महेश राजपूत और कमलेश अग्रवाल ने समझाया। इसके बाद सदन की बैठक फिर शुरू हुई और पार्षदों ने अपनी समस्याएं रखना शुरू कीं। सदन की बैठक आज भी जारी रहेगी।
जो कमीशन देता है, उसका पैसा पास होता है : नेता प्रतिपक्ष….
मेयर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने जैसे ही यह कहा कि ठेकेदारों को तीन से छह महीने के भीतर भुगतान मिल जाता है, तो नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा सहित पूरा विपक्ष उबल पड़ा। नेता प्रतिपक्ष मिश्रा ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, जिसके कारण कई विकास कार्य रुके हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदारों से पेमेंट के बदले 4 से 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है, और जो ठेकेदार यह डिमांड पूरी करता है, उसे ही भुगतान किया जाता है।
इस आरोप के बाद सदन में कुछ देर तक नारेबाजी भी हुई। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कमीशन के कारण विकास कार्यों की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है, और इस वजह से कार्यों में कमी आ रही है।
85 करोड़ का भुगतान, सिर्फ 22 करोड़ शेष : महापौर……
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने अपने बचाव में आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि अब तक विभिन्न मदों में कुल 371 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष अब तक पीडब्ल्यूडी के कामों के लिए 85 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि केवल 22 करोड़ रुपये का भुगतान पेंडिंग है। इन आंकड़ों से उनका कहना था कि विकास कार्यों में कोई रुकावट नहीं है, और वे लगातार चल रहे हैं।
काम नहीं होने से पार्षद का धरना…….
बैठक के दौरान कांग्रेस के एक पार्षद ने भी अधिकारियों पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2 दिसंबर को हुई एक बैठक में उन्होंने यह मुद्दा उठाया था कि लेमा गार्डन टंकी के पास स्थित इलाके में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। महापौर ने अधिकारियों से इस मामले की जांच कराने का वादा किया था, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है, और समस्या जस की तस बनी हुई है। इसके अलावा, एक अन्य विवाद तब उत्पन्न हुआ जब पार्षद वकील अंसारी अपने वार्ड में अव्यवस्थित नालों और महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय न होने की समस्या को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड की महिलाएं खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं। बाद में पार्षद कमलेश अग्रवाल और महेश राजपूत ने उन्हें समझाया और धरना समाप्त कराया।

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