
ट्रैफिक सुधारने एक्शन मोड में आया प्रशासन
जबलपुर। बीते कई दिनों की समझाईश के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन का अमला एक्शन मोड में नजर आया, जहां विभिन्न विभागों की संयुक्त कार्यवाही के तहत अतिक्रमणकारियों के सामान को जप्त किया गया। तीन पत्ती से लेकर मिलौनीगंज तक, घमापुर चौक से रांझ मोड़ तक, और गोरखपुर और गढ़ा के मुख्य मार्ग प्रशासन के निशाने पर रहे, जहां सड़क के किनारे दुकानों को लगाकर अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती से एक्शन लिया गया। कब्जेदारों के सामान को जप्त करने की कार्यवाही दिन भर जारी रही।गौरतलब है कि बीते सप्ताह लोक निर्माण मंत्री राकेश की अध्यक्षता में शहर के यातायात को लेकर हुई हाई-लेवल बैठक के बाद, बीते रविवार से जिला प्रशासन के नेतृत्व में शहर का यातायात व्यवस्थित करने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है। रविवार और सोमवार को प्रशासन ने बैठक और निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार की, वहीं मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण करने वालों को समझाईश दी गई। गुरुवार को हुई जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और निगम प्रशासन की संयुक्त बैठक में शुक्रवार से सीधे सामान जप्त करने और आवश्यकता होने पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने दिए। जिसके बाद शुक्रवार को सुबह से जबलपुर शहर की सड़कों पर प्रशासनिक अमला हरकत में नजर आया। जानकारी के मुताबिक, अकेले शुक्रवार को जिला प्रशासन ने एक सैंकड़ा के करीब छोटे-बड़े अवैध कब्जेदारों पर कार्यवाही की। यह कार्यवाही अब लगातार चलती रहेगी।
एक्शन का तरीका और परिणाम….
शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में जिला प्रशासन ने लगभग 100 छोटे-बड़े अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्यवाही की। जिनके खिलाफ प्रशासन ने सामान जप्त करने की प्रक्रिया अपनाई और इस दौरान कई स्थानों से अवैध सामग्री को हटाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही अब लगातार जारी रहेगी और अगर जरूरत पड़ी तो अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
हर जरूरी एक्शन लेने के निर्देश…
गुरुवार को हुई जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम प्रशासन की संयुक्त बैठक में कलेक्टर दीपक सक्सेना ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शुक्रवार से अतिक्रमणकारियों के सामान को जप्त किया जाए और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाए। इसके बाद शुक्रवार को प्रशासन की टीम ने शहर भर में कार्रवाई की, जिसमें सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के सामान को जप्त किया गया और दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि वे सड़क किनारे दुकानें न लगाएं।
