पिता से शिकायत करने पर स्कूल में गोली मारी\
छतरपुर । छतरपुर में 12वीं के छात्र ने प्रिंसिपल सुरेंद्र कुमार सक्सेना की स्कूल में गोली मारकर हत्या कर दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामला शुक्रवार दोपहर 1 बजे धमौरा शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल का है। वारदात के बाद आरोपी छात्र प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर भाग निकला। पुलिस ने वारदात के कुछ घंटे बाद आरोपी छात्र को नौगांव से पकड़ा। बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल ने छात्र के पिता को कई बार बुलाकर शिकायत की थी। कहा था कि आपका बेटा अनुशासनहीन है। इसे संभाल लो। तब से ही वह प्रिंसिपल से नाराज था। आरोपी पिछले एक सप्ताह से कट्टा लेकर स्कूल में आ रहा था। उसने सभी को धमकाया था। उसने कहा था कि प्रिंसिपल और जिस टीचर ने मेरे परिवार से शिकायत की है, उन्हें जान से मार दूंगा। पुलिस पूछताछ में स्कूल के छात्रों ने बताया कि आरोपी स्कूल में छात्राओं पर कमेंट कर छेड़छाड़ करता था। इसकी शिकायत छात्राओं ने टीचर और प्रिंसिपल से की थी। प्रिंसिपल ने छात्र को सख्ती से समझाया था, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। इस पर प्रिंसिपल ने उसके परिजनों को स्कूल बुलाकर बेटे की शिकायत की थी। उसने टीचर के समझाने पर उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी थी।
प्रिंसिपल को बाथरुम में घुसकर मारा
- पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह छात्र स्कूल आया था। दोपहर में लंच के बाद अचानक से वह सीधे प्रिंसिपल के कक्ष में घुसा, लेकिन प्रिंसिपल वहां नहीं थे। उसने छात्रों से पूछा कि सर कहां हैं तो उसे बाथरुम की ओर जाने का कह दिया। इसके बाद वह तेजी बाथरुम की ओर गया और उन पर पीछे से फायर कर दिया। गोली प्रिंसिपल के सिर में लगी, वे सीधे पीछे की ओर गिरे। पास में ही बाथरुम गए छात्र चीखते हुए वहां से भागे।
- पुलिस ने बताया कि आरोपी ने उन्हें भी धमकाया कि यदि कुछ बोला तो गोली मार दूंगा। कट्टा लहराते हुए वह वहां से ऑफिस पहुंचा। यहां टेबल पर रखी प्रिंसिपल की स्कूटी की चाभी ली। हेलमेट नीचे फेंका और कुर्सी तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद बच्चों को धमकाते हुए स्कूटी स्टार्ट कर वहां से फरार हो गया। आरोपी की धमकी और कट्टा हाथ में देखकर सभी टीचर ने बच्चों को लेकर क्लास में अंदर कर दरवाजा बंद कर लिया था। आरोपी के जाने के बाद दरवाजा खोला और पुलिस को जानकारी दी।
- प्रिंसिपल के भाई ने कहा- ये प्लान्ड मर्डर प्रिंसिपल के छोटे भाई राजेंद्र सक्सेना ने कहा कि मेरे भाई इसी स्कूल में करीब 4-5 साल से पोस्टेड थे, लेकिन कुछ लोग उन पर अनावश्यक दबाव डालते थे। गलत काम करवाने के लिए उनको प्रताड़ित करते थे। स्कूल का गेट हमेशा बंद रहता है, लेकिन आज खुला रखा गया। कोई भी एंट्री करे, कोई भी चला जाए। मुझे लगता है कि यह प्लान के तहत मर्डर करवाया गया है, ताकि आरोपी वारदात कर आसानी से भाग सकें।
दोस्तों की मदद से खरीदा था कट्टा
जांच में सामने आया है कि छात्र ने करीब एक महीने पहले कट़्टा खरीदने के लिए परिचित और दोस्तों से संपर्क किया था। इन्हीं की मदद से उसने छतरपुर में किसी से 1500 रुपए में अवैध कट्टा खरीदा था। इसके बाद से ही वह प्रिंसिपल को मारने के लिए स्कूल के बाहर घूमता रहता था। कई बार वह स्कूल के बाहर घंटों दुकान पर खड़ा रहता था।
